बिहार और राजस्थान में महंगाई का एक और झटका, सुधा-सरस डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए|
अमूल और मदर डेयरी के बाद अब क्षेत्रीय सहकारी डेयरियों ने भी बढ़ाई कीमतें, राजस्थान में दही और पनीर के दाम भी बढ़े।

पटना में सुधा डेयरी आउटलेट, जहां सुधा गोल्ड और शक्ति दूध की बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं।
देशभर में आम उपभोक्ताओं पर बढ़ती महंगाई के बीच अब दैनिक उपभोग की सबसे आवश्यक वस्तु दूध की कीमतों ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में देश के प्रमुख डेयरी ब्रांड्स अमूल और मदर डेयरी द्वारा कीमतों में की गई वृद्धि के बाद अब क्षेत्रीय स्तर पर भी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों ने दरों में संशोधन करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एक बड़ा फैसला लेते हुए बिहार की सुप्रसिद्ध सुधा डेयरी और राजस्थान की सरस डेयरी ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का आधिकारिक एलान किया है। इस निर्णय के लागू होने के साथ ही दोनों राज्यों के लाखों उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई का बजट एक बार फिर प्रभावित होना तय माना जा रहा है। दुग्ध संघों द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार ये संशोधित नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कॉम्फेड) के अंतर्गत आने वाली सुधा डेयरी ने राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अपने विभिन्न दूध वेरिएंट की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस मूल्य वृद्धि के बाद नई दर सूची के मुताबिक उपभोक्ताओं को मिलने वाला सुधा गोल्ड फुल क्रीम दूध अब 65 रुपये प्रति लीटर के स्थान पर 67 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही आम घरों में सबसे अधिक उपयोग होने वाला सुधा शक्ति दूध जो पहले 57 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 59 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मध्यम वर्गीय परिवारों और चाय विक्रेताओं द्वारा पसंद किए जाने वाले सुधा काउ मिल्क (गाय का दूध) की कीमतों में भी समान रूप से वृद्धि की गई है, जिसके चलते यह अब 54 रुपये प्रति लीटर के बजाय 56 रुपये प्रति लीटर की दर पर ग्राहकों को मिलेगा। हालांकि कॉम्फेड ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान में घी, दही, लस्सी और पेड़ा जैसे अन्य सह-उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दूसरी ओर पश्चिमी भारत के प्रमुख राज्य राजस्थान में भी सहकारी दुग्ध विपणन ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने सरस ब्रांड के तहत मिलने वाले दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू कर दी है। जयपुर डेयरी द्वारा जारी नई मूल्य तालिका के अनुसार सरस टोंड मिल्क (ब्लू पैकेट) अब 54 रुपये के स्थान पर 56 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा। इसके अतिरिक्त सरस स्टैंडर्ड मिल्क की कीमत भी 60 रुपये से बढ़ाकर 62 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। प्रीमियम श्रेणी के सरस गोल्ड दूध की कीमत में भी उछाल आया है और अब यह उपभोक्ताओं को 68 रुपये के बजाय 70 रुपये प्रति लीटर की बढ़ी हुई दर पर प्राप्त होगा।
बिहार के विपरीत राजस्थान में जयपुर डेयरी ने दूध के साथ-साथ अन्य सह-उत्पादों के दामों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। सरस ब्रांड के तहत बिकने वाले पनीर, दही, छाछ और लस्सी की कीमतें भी अब महंगी हो गई हैं। नई दरों के मुताबिक 200 ग्राम पनीर का पैकेट जो पहले 76 रुपये में मिलता था, अब उसके लिए उपभोक्ताओं को 80 रुपये चुकाने होंगे। वहीं एक किलोग्राम पनीर के थोक पैक की कीमत 362 रुपये से बढ़कर सीधे 385 रुपये तक पहुंच गई है। पैकेज्ड दही की बात करें तो 200 ग्राम का दही पैकेट 16 रुपये से बढ़कर 18 रुपये और 400 ग्राम का पैकेट 32 रुपये से बढ़कर 36 रुपये का हो गया है। इसके अलावा सादे छाछ की कीमत में एक रुपये प्रति पैकेट की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि लस्सी और नमकीन छाछ के पैकेट भी दो रुपये तक महंगे हो गए हैं।
विभिन्न डेयरी संघों द्वारा कीमतों में की जा रही इस निरंतर बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से कच्चे दूध की खरीद लागत में वृद्धि, पशुचारे के बढ़ते दाम और परिवहन लागत में हुआ इजाफा बताया जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी संघों पर दुग्ध उत्पादक किसानों को उचित मूल्य देने का कानूनी और व्यावहारिक दबाव होता है, जिसके चलते लागत का यह बोझ अंततः अंतिम उपभोक्ताओं पर डालना पड़ता है। हाल ही में 14 मई से अमूल और मदर डेयरी द्वारा देशव्यापी स्तर पर की गई मूल्य वृद्धि के बाद यह तय माना जा रहा था कि क्षेत्रीय स्तर की डेयरियां भी जल्द ही अपने दाम बढ़ाएंगी। बहरहाल, देश के दो बड़े राज्यों बिहार और राजस्थान में दूध जैसी बुनियादी वस्तु के महंगे होने से आम नागरिकों के मासिक खर्च पर इसका सीधा और गहरा असर देखने को मिल रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
