केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) 2000 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण के नियमों को और कड़ा कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह बदलाव करते हुए एक नई अधिसूचना जारी की है, जो 15 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी।


इस संशोधन के तहत अब सोशल मीडिया, वेबसाइट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अगर कोई गैरकानूनी या प्रतिबंधित कंटेंट पाया जाता है, तो उस कंटेंट को 36 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। यह कदम देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।


सरकार ने इस प्रक्रिया को और भी कड़ा करने के लिए ‘वास्तविक जानकारी’ की परिभाषा स्पष्ट की है। अब केवल दो ही स्रोतों से मिले आदेश या सूचनाएं मान्य होंगी एक सक्षम न्यायालय का आदेश और दूसरा सरकार या उसकी अधिकृत एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखित सूचना। इस अधिकारी का पद संयुक्त सचिव या उसके समकक्ष होना अनिवार्य होगा।


इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि हर महीने सभी ऐसे आदेशों की समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदेश उचित, आवश्यक और कानूनी रूप से सही हैं। समीक्षा के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि किन कानूनी धाराओं के तहत ये आदेश जारी किए गए हैं और किस प्रकार के कंटेंट को हटाने या ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है।


इस नए नियम से डिजिटल दुनिया में प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी और वे गैरकानूनी कंटेंट के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, यह भी उम्मीद की जा रही है कि यह कदम ऑनलाइन सुरक्षित माहौल बनाने में मदद करेगा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली अशुद्ध या अवैध सामग्री को काबू

करेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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