शेयर बाजार में बड़ी गिरावट! सेंसेक्स और निफ्टी में भारी क्रैश

मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। लगातार तीन दिनों की बढ़त के बाद, आज गुरुवार को बाजार खुलते ही निवेशकों के पसीने छूट गए। ग्लोबल मार्केट से आए नकारात्मक संकेतों और खाड़ी देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।

बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1,953 अंक टूटकर 74,751 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 580 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,198 के स्तर पर खुला। इस भारी बिकवाली के कारण महज कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करीब 7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई।

बाजार गिरने के 4 बड़े कारण (Facts)

शेयर बाजार में आई इस सुनामी के पीछे विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:

1. कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ($110 के पार):

ईरान द्वारा खाड़ी (Gulf) क्षेत्र में प्रमुख ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है।

2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख:

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और भविष्य के लिए भी 'हॉकिश' (कड़ा) रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में भी अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड भारतीय शेयरों की तुलना में अधिक आकर्षक हो गए हैं।

3. FII की भारी बिकवाली:

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक अनिश्चितता के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है। आज की भारी गिरावट में FII की ओर से की गई बिकवाली का बड़ा हाथ माना जा रहा है।

4. GIFT Nifty के कमजोर संकेत:

बाजार खुलने से पहले ही 'गिफ्ट निफ्टी' ने भारी गिरावट के संकेत दे दिए थे। फ्यूचर्स में 453 अंकों की कमजोरी दिख रही थी, जिससे यह स्पष्ट था कि आज बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग होने वाली है।

निवेशकों को भारी चपत: ₹7 लाख करोड़ डूबे

बाजार में आई इस तबाही ने बीएसई (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) को बड़ा झटका दिया है। चंद मिनटों में यह ₹439 लाख करोड़ से घटकर ₹432 लाख करोड़ पर आ गया। इसका मतलब है कि निवेशकों को ₹7 लाख करोड़ से ज्यादा का घाटा उठाना पड़ा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार देखने को मिली।

आगे क्या हो सकता है?

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक खाड़ी देशों में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है। ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि वे वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतें और किसी भी बड़े निवेश से पहले ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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