ट्रंप के भारतीय मूल के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन का इस्तीफा, मगा समर्थकों के विरोध के बाद छोड़ा पद|
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय मूल के सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने मगा समर्थकों के विरोध के बीच इस्तीफा दे दिया है।

छवि में बाईं ओर सूट पहने हाथ उठाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दाईं ओर काले परिधान में श्रीराम कृष्णन दिखाई दे रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वाशिंगटन की तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति के प्रमुख रहे भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वाइट हाउस में अठारह महीनों के उतार-चढ़ाव भरे कार्यकाल के बाद उन्होंने इस महीने के अंत तक रणनीतिकार का पद पूरी तरह छोड़ने की घोषणा की है। अपनी उच्च तकनीकी योग्यता और माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक तथा ट्विटर जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों में काम करने के समृद्ध अनुभव के बावजूद उन्हें नियुक्ति के समय से ही 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) समर्थकों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ रहा था। इस प्रशासनिक फेरबदल को अमेरिकी आव्रजन और प्रवासियों से जुड़े आंतरिक राजनीतिक गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
श्रीराम कृष्णन को साल २०२४ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी एआई नीति के मुख्य रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति के बाद से ही दक्षिणपंथी मगा समर्थकों ने प्रवासियों की भूमिका को लेकर नीतिगत मोर्चे पर मोर्चा खोल दिया था। हालांकि, इस प्रशासनिक गतिरोध और विवादों के बीच एलन मस्क और डेविड सैक्स जैसी वैश्विक तकनीकी हस्तियां खुलकर कृष्णन के समर्थन में खड़ी रहीं। एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई बार कृष्णन की दूरदर्शी नीतियों की सराहना की थी, लेकिन अंततः यह मजबूत तकनीकी समर्थन भी राजनीतिक दबाव को कम करने में विफल साबित हुआ। कृष्णन ने एक भावुक और विस्तृत विदाई पोस्ट के माध्यम से आधिकारिक रूप से वाइट हाउस छोड़ने की पुष्टि की है।
अपने विदाई वक्तव्य में श्रीराम कृष्णन ने वाइट हाउस में बिताए अठारह महीनों के दौरान अपनी चार प्रमुख नीतिगत उपलब्धियों को साझा किया है। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 'अमेरिकन एआई एक्शन प्लान' का खाका तैयार करना और उसे पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू करना रहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने वैश्विक स्तर पर अमेरिकी एआई संप्रभुता को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां स्थापित कीं और 'नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क' के लिए आवश्यक कार्यकारी आदेश का ढांचा तैयार किया। उन्होंने भारत, फ्रांस, ब्रिटेन और मध्य पूर्व में आयोजित वैश्विक एआई सम्मेलनों में अमेरिकी व्यापारिक और तकनीकी हितों का कुशलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया था।
इस्तीफे के बाद भी कृष्णन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नीतिगत नेतृत्व की सराहना की और कहा कि उनके बिना अमेरिका वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान प्राप्त नहीं कर सकता था। उन्होंने संकट के समय साथ देने के लिए एलन मस्क, डेविड सैक्स और अपने साथी प्रशासनिक सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। भविष्य की योजनाओं के विषय में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कुछ समय का रणनीतिक ब्रेक लेने के पश्चात एआई, डेटा सेंटर्स और ऊर्जा क्षेत्र की उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए तकनीकी संस्थान की स्थापना करेंगे।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
