सोशल मीडिया पर 'फेक न्यूज' का बवंडर: गणतंत्र दिवसपर सामने आया हिंसात्मक विडिओ ; जिसके बांग्लादेश से जुड़े थे तार
गणतंत्र दिवस पर वायरल हुए एक गुब्बारे वाले वीडियो का सच सामने आ गया है। जिसे भारत में बच्चे पर हमले की 'क्रूर हिंसा' बताया जा रहा था, वह दरअसल बांग्लादेश का मानवता से भरा वीडियो निकला। 10 सेकंड की काट-छाँट वाली क्लिप के जरिए फैलाए गए इस सांप्रदायिक झूठ और बांग्लादेशी यूट्यूब चैनल से निकले 2 मिनट के असल वीडियो की पूरी पड़ताल यहां पढ़ें।

Bangladesh Viral Video : 26 जनवरी, जब भारत अपना गणतंत्र दिवस मना रहा था, तब डिजिटल दुनिया में 10 सेकंड के एक वीडियो ने आक्रोश की आग सुलगा दी। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि एक व्यक्ति गुब्बारे बेचने वाले एक मुस्लिम बच्चे को निशाना बना रहा है और उसके साथ क्रूरता कर रहा है। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा सहित कई चर्चित हस्तियों ने इस कथित अमानवीय कृत्य की निंदा की। लेकिन जैसे ही सच की परतें खुलीं, नफरत का यह नैरेटिव पूरी तरह धराशायी हो गया और नफरत की जगह मानवता की एक सुखद कहानी सामने आई।
10 सेकंड का झूठ और 2 मिनट का सच :
वायरल वीडियो की हकीकत तब सामने आई जब फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर ने एक बांग्लादेशी यूट्यूब चैनल से मूल 2 मिनट का वीडियो साझा किया। जांच में पाया गया कि जिस घटना को भारत में सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, वह दरअसल पड़ोसी देश बांग्लादेश की थी।
वीडियो की असलियत कुछ इस प्रकार रही :
काट-छाँट कर पेश किया गया दृश्य: वायरल क्लिप में केवल वही हिस्सा दिखाया गया जिसमें व्यक्ति बच्चे को रोकते हुए दिख रहा था, ताकि इसे प्रताड़ना जैसा दिखाया जा सके।
सच्चाई का खुलासा: पूरा वीडियो देखने पर पता चला कि वह व्यक्ति वास्तव में बच्चे की मदद कर रहा था। उसने करीब 1,000 बांग्लादेशी टका (लगभग 700 भारतीय रुपये) में बच्चे के सारे गुब्बारे खरीद लिए।
सकारात्मक संदेश: गुब्बारे खरीदने के बाद उस व्यक्ति ने बच्चे को सलाह दी कि वह काम छोड़कर स्कूल जाए या घर पर खेलें।
Meet Journalist Rifat Jawaid.
— Anshul Saxena (@AskAnshul) January 26, 2026
He worked at BBC for 12 years.
After a video claimed that a Muslim boy selling balloons was assaulted, Rifat Jawaid posted: "Member of hijda qaum. Hindutva terrorists!"
When it emerged that video was from Bangladesh, he quietly deleted it. No… pic.twitter.com/AY0Fm3oMqu
आक्रोश से सराहना तक का सफर :
सोशल मीडिया पर जिस क्लिप ने शुरू में लोगों का खून खौला दिया था, वह सच सामने आने के बाद प्रशंसा का विषय बन गई। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा, जिन्होंने शुरुआत में इसे 'क्रूरता' कहा था, उन लोगों में शामिल थीं जिन्होंने सच जानने के बाद राहत महसूस की। यह घटना दर्शाती है कि कैसे डिजिटल युग में संदर्भवहीन (Context-less) वीडियो का उपयोग समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए किया जा सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
