बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि शेख हसीना वापस लौटती हैं, तो उन्हें बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश करते ही गिरफ्तार किया जाएगा। यह घोषणा शेख हसीना की दिसंबर 2026 तक संभावित वापसी की चर्चाओं के बीच आई है, जिसने देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि बांग्लादेश सरकार शेख हसीना को भारत से वापस लाने के लिए द्विपक्षीय संधि का उपयोग करना चाहती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में नई दिल्ली को कई बार औपचारिक रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, हालांकि प्रत्यर्पण को लेकर अंतिम निर्णय भारत सरकार को लेना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शेख हसीना एक अदालत द्वारा पहले ही दोषी ठहराई जा चुकी हैं, इसलिए उनकी वापसी होते ही कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें गिरफ्तार करना अनिवार्य है। सरेंडर करने या कानूनी अपील दाखिल करने का निर्णय संबंधित अदालतें तय करेंगी।

शेख हसीना के साथ-साथ उनकी पार्टी अवामी लीग पर भी कानूनी संकट गहराता दिख रहा है। गृहमंत्री ने अवामी लीग को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल एक्ट में किए गए हालिया संशोधनों के बाद, अब केवल व्यक्तियों पर ही नहीं बल्कि संगठनों पर भी युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है। इसके बावजूद, सलाहुद्दीन अहमद ने यह स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल को कार्यकारी आदेश से प्रतिबंधित करने का कोई इरादा नहीं है और वे चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया न्यायिक और कानूनी ढांचे के भीतर ही संपन्न हो।

शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए तीव्र हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना ने सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है। अब देखना यह है कि उनकी दिसंबर 2026 की संभावित वापसी और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्यवाही बांग्लादेश की भविष्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।

Lalita Rajput

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इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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