कांग्रेस सांसद शशि थरूर नेपाल में आई भयानक बाढ़ और प्राकृतिक आपदा को लेकर किए गए अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण गंभीर विवादों और तीखी आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। हालांकि अपने इस पोस्ट में उन्होंने आपदा पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी और उनके इस मुश्किल हालात से जल्द उबरने की प्रार्थना भी की थी, लेकिन उनके द्वारा इस भयंकर तबाही के लिए 'ड्रामा' शब्द का इस्तेमाल किए जाने से लोग खासे नाराज और मायूस हैं।

घटना की शुरुआत तब हुई जब केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी नेपाल यात्रा से जुड़ा एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने कल काठमांडू के लिए उड़ान भरी थी और वे पहाड़ों में हुए उस ड्रामे से पूरी तरह से बेखबर थे, जिसने वहां भारी तबाही मचा रखी है। उनके इसी 'ड्रामा' शब्द के चुनाव पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई और इसे बेहद असंवेदनशील करार दिया।

शशि थरूर के इस बयान के बाद इंटरनेट पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। अमित के पॉल नामक एक यूजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि क्या प्रकृति का कहर कोई ड्रामा था और शब्दों के चयन में कोई इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है। यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि डिक्शनरी के ज्ञान का क्या मतलब है जब व्यक्ति को यह तक न पता हो कि किस मौके पर क्या कहना चाहिए, और यहाँ तक कह दिया कि उनकी सहानुभूति ही अब ड्रामा प्रतीत हो रही है।

इसी क्रम में एक अन्य यूजर संजीब गोस्वामी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या इस भयंकर तबाही के लिए 'ड्रामा' शब्द का प्रयोग करना बिल्कुल सही है। उन्होंने वर्ष 1962 में असम को छोड़ते समय पंडित जवाहरलाल नेहरू के उन ऐतिहासिक शब्दों को याद किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि उनकी संवेदनाएं असम के लोगों के साथ हैं, और इसके साथ ही उन्होंने शशि थरूर से आग्रह किया कि वे अपने इस आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत एडिट करें।

चूंकि शशि थरूर अंग्रेजी भाषा पर अपनी असाधारण पकड़ और बेहतरीन शब्दावली के लिए जाने जाते हैं, इसलिए इस भूल पर लोगों का आहत होना स्वाभाविक था। 'द नॉर्थ ईस्ट गाय' नाम के एक यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि सर, आप तो भारतीय अंग्रेजी के शेक्सपियर हैं, तो क्या पहले पैराग्राफ के दूसरे वाक्य में 'ड्रामा' शब्द का ऐसा इस्तेमाल करना वाकई उचित है? इसके बावजूद, अपने पोस्ट के अंत में थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके प्रियजनों के साथ हैं, तथा वे लापता लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं कि उन्हें जल्द ही सुरक्षित बचा लिया जाए।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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