पुवायां क्षेत्र में विदा होकर ससुराल जा रही दुल्हन की कार को टैंकर ने मारी टक्कर, हादसे में चार अन्य घायल, चालक हिरासत में।

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक तेज रफ्तार टैंकर ने नवविवाहिता को विदा कराकर ले जा रही कार को भीषण टक्कर मार दी। इस जबरदस्त भिड़ंत में दुल्हन समेत परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। खुशियों से भरा घर कुछ ही पलों में चीख-पुकार और मातम के साए में डूब गया।

सफर जो अधूरा रह गया- घटनाक्रम के अनुसार, अगौना बुजुर्ग निवासी अविरल की पत्नी कल्पना (22 वर्ष) की शादी बीते 25 अप्रैल को हुई थी। गुरुवार को कल्पना के ससुर अनिल कुमार अपनी बहू को मायके से विदा कराकर अन्य परिजनों के साथ कार से वापस घर लौट रहे थे। कार में कल्पना के साथ मोहिनी (14 वर्ष), अभिरांश (6 वर्ष), अनिमेष (5 वर्ष), अमित वर्मा और निर्दोष सवार थे। जैसे ही उनकी कार पुवायां क्षेत्र के रौतापुर कला गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित टैंकर ने कार को सीधी टक्कर मार दी।

चश्मदीदों का बयान और टैंकर चालक की लापरवाही- हादसे के समय पास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने बताया कि टैंकर चालक बेहद तेज गति में था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुवायां से खुटार की ओर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने के प्रयास में टैंकर चालक ने सामने से आ रही कार पर नियंत्रण खो दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस कार्रवाई और चिकित्सा सहायता- सूचना मिलते ही पुवायां पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि हादसे में चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायल हुए अन्य चार लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जिनमें से दो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने टैंकर चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मातम में बदलीं खुशियां- कल्पना के घर में शादी के बाद से ही उत्सव का माहौल था। बुधवार रात तक दोनों परिवारों में मंगल गीत गाए जा रहे थे। गुरुवार सुबह पिता रामनरेश ने अपनी इकलौती बेटी को बड़े लाड़-प्यार से विदा किया था। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी बेटी की अंतिम विदाई होगी। उधर, ससुराल पक्ष में महिलाएं नई बहू के गृह प्रवेश की तैयारियां कर रही थीं, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही काल ने सब कुछ खत्म कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के खतरों को उजागर किया है, जिसकी कीमत एक निर्दोष परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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