यौन उत्पीड़न के आरोपों ने हिलाया खेल जगत; स्टार गेंदबाज सस्पेंड, पूर्व महिला कप्तान ने उठाया आवाज
यौन उत्पीड़न के आरोपों में बांग्लादेश के पूर्व सेलेक्टर मंजरुल इस्लाम पर आजीवन बैन। पूर्व कप्तान जहांआरा आलम की शिकायत पर BCB ने लिया अब तक का सबसे सख्त फैसला।

BCB sexual harassment case
Bangladesh Cricket Board sexual harassment : क्रिकेट के मैदान से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल बांग्लादेश, बल्कि वैश्विक खेल जगत की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। अनुशासन और मर्यादा के लिए पहचाने जाने वाले इस खेल में सत्ता के दुरुपयोग और यौन उत्पीड़न का एक काला अध्याय उजागर हुआ है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी राष्ट्रीय महिला टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पूर्व मुख्य चयनकर्ता और तेज गेंदबाज मंजरुल इस्लाम को क्रिकेट के सभी प्रारूपों और भूमिकाओं से आजीवन ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
सत्ता का दुरुपयोग और असहज करने वाली प्रताड़ना :
यह मामला तब प्रकाश में आया जब अनुभवी क्रिकेटर जहांआरा आलम ने साहस दिखाते हुए मंजरुल इस्लाम के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोला। एक भावुक और सनसनीखेज खुलासे में जहांआरा ने बताया कि कैसे टीम मैनेजर और चयनकर्ता के पद पर रहते हुए इस्लाम ने अपनी सीमाओं को लांघा। पत्रकार रियासाद अजीम को दिए साक्षात्कार में उन्होंने उन असहज पलों को साझा किया, जब मंजरुल इस्लाम बिना अनुमति उनके कंधे पर हाथ रखते थे और उनके पीरियड्स (मासिक धर्म) जैसे अत्यंत निजी विषयों पर सवाल पूछते थे।
आरोप इतने गंभीर हैं कि वे खेल संस्कृति पर सवाल खड़े करते हैं। जहांआरा के अनुसार, इस्लाम सार्वजनिक रूप से अन्य खिलाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदगी में हाथ मिलाने के बजाय गले लगाने के बहाने उनके करीब आने का प्रयास करते थे। जब जहांआरा ने इन अनुचित प्रस्तावों और व्यवहार का विरोध किया, तो कथित तौर पर उनके क्रिकेट करियर को बर्बाद करने की धमकियां दी गईं और उन्हें टीम से बाहर करने की साजिशें रची गईं।
BCB की निर्णायक कार्रवाई और आधिकारिक रुख :
रविवार को ढाका में हुई बोर्ड की आपात बैठक के बाद बीसीबी ने स्पष्ट कर दिया कि खेल में इस तरह की गंदगी के लिए कोई जगह नहीं है। एक स्वतंत्र जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर बोर्ड ने मंजरुल इस्लाम को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया।
बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुख्य अंश :
- पूर्ण प्रतिबंध : मंजरुल इस्लाम को बीसीबी के तहत किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष क्रिकेट गतिविधियों से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाता है।
- ब्लैकलिस्टिंग : उन्हें भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट में किसी भी भूमिका के लिए 'ब्लैकलिस्ट' कर दिया गया है।
- अग्रिम कानूनी कार्रवाई : बोर्ड अभी भी समिति की सिफारिशों की समीक्षा कर रहा है और रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में इस्लाम के खिलाफ कठोर कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
जहांआरा आलम का संघर्ष और करियर :
जहांआरा आलम बांग्लादेश क्रिकेट का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने 52 वनडे मैचों में 48 विकेट और 83 टी20 मुकाबलों में 60 विकेट लेकर देश का नाम रोशन किया है। उनके आरोपों की आंच केवल मंजरुल तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने दिवंगत तौहीद महमूद और अधिकारी सरफराज बाबू पर भी इसी तरह के अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। यह मामला दर्शाता है कि सफलता के शिखर पर बैठी महिला खिलाड़ियों को भी व्यवस्था के भीतर किस कदर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
