SC-ST Act: क्या है यह कानून, जिसके तहत स्वतंत्र भारद्वाज हुए गिरफ्तार?
जंतर-मंतर बवाल मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आए एससी-एसटी अधिनियम के कड़े प्रावधानों और सजा के बारे में जानें।

तस्वीर में स्वतंत्र भारद्वाज, सिर पर पट्टी बांधे घायल व्यक्ति और निशु आजाद दिखाई दे रहे हैं।
जंतर-मंतर पर बवाल को लेकर चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमले के सिलसिले में कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मामले के सामने आने के बाद एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट, 1989 को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
भारत में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के खिलाफ होने वाले अत्याचार, भेदभाव और हिंसा को रोकने के लिए एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट, 1989 एक बेहद मजबूत और कड़ा कानून है। इस कानून का मकसद सदियों से हाशिए पर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सामाजिक न्याय दिलाना है। समय-समय पर इस कानून को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें संशोधन भी किए गए हैं, खासतौर पर साल 2018 में किया गया संशोधन।
एससी-एसटी एक्ट का दायरा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को सामाजिक अपमान, उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा और उनकी प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे से बचाने तक है। सामान्य या अन्य वर्ग के किसी भी व्यक्ति की तरफ से अगर इन समुदायों के खिलाफ कोई आपराधिक कृत्य किया जाता है, तो इस कानून के तहत कार्रवाई की जाती है।
इस कानून के सेक्शन 3 के तहत अलग-अलग प्रकार के अपराध और उनके लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ इसी कानून के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट, 1989 के प्रावधान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर कानूनी कार्रवाई का मजबूत आधार प्रदान करते हैं। गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक के लिए इसके नियम कितने सख्त हैं और अलग-अलग अपराधों के लिए कितनी सजा का प्रावधान है, इसे लेकर कानून के प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
