भारतीय शेयर बाजार आज एक अनोखे मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। जहाँ एक तरफ बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर फैली आशंकाओं ने आईटी (IT) सेक्टर के निवेशकों की नींद उड़ा रखी है। आज 18 फरवरी 2026 के कारोबारी सत्र में बाजार के दिग्गजों में भारी हलचल है।

आज के चमकते सितारे: ये स्टॉक्स हैं चर्चा में

आज के कारोबार में कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने का काम किया है।

  • SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया): बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज SBI ने आज निवेशकों को खुश कर दिया है। स्टॉक न केवल मजबूत प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि इसने अपने 52-हफ्ते के नए उच्चतम स्तर को भी छुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बैंकों में बढ़ती क्रेडिट ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट के कारण निवेशक इस पर भरोसा जता रहे हैं।
  • Adani Enterprises Ltd: अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में आज सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है। ग्रुप द्वारा AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स में 100 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा के बाद, शेयर में अच्छी खरीदारी की उम्मीद की जा रही है। पिछले सत्र में भी इसमें मजबूती देखी गई थी।
  • Infosys और L&T: इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी L&T (लार्सन एंड टुब्रो) और आईटी दिग्गज इंफोसिस ने पिछले सत्र में बढ़त दर्ज की थी। आज भी निवेशक इन पर नजरें गड़ाए हुए हैं। विशेष रूप से L&T अपने मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
  • ITC और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): डिफेंस सेक्टर की दिग्गज BEL और FMCG सेक्टर की ITC ने भी हाल के कारोबार में बढ़त के संकेत दिए हैं। BEL को मिल रहे नए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स इसकी मजबूती की मुख्य वजह हैं।

निवेशकों के लिए चिंता की लकीरें

बाजार में सब कुछ हरा-भरा नहीं है। कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहाँ निवेशक काफी संभलकर कदम रख रहे हैं:

  • IT सेक्टर और AI का खौफ: पिछले कुछ हफ्तों से ग्लोबल मार्केट में AI की वजह से पारंपरिक आईटी सेवाओं के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। एंथ्रोपिक (Anthropic) जैसे नए AI मॉडल्स के आने से निवेशकों को डर है कि इंफोसिस और टीसीएस (TCS) जैसे दिग्गजों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल में बदलाव आ सकता है। यही कारण है कि टेक शेयरों में भारी अस्थिरता (Volatility) बनी हुई है।
  • कमोडिटी और मेटल मार्केट: कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर विभिन्न सेक्टर्स पर पड़ रहा है। जहाँ तेल की बढ़ती कीमतें लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग के लिए सिरदर्द हैं, वहीं पेंट और एविएशन सेक्टर के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।
  • सावधानी भरा व्यवहार: कुछ डिफेंसिव सेक्टर्स और साइक्लिकल शेयरों में निवेशक फिलहाल नई पोजीशन बनाने से बच रहे हैं। बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए बड़े फंड मैनेजर 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपना रहे हैं।

बाजार का हाल

आज का बाजार साफ तौर पर दो हिस्सों में बँटा हुआ है। एक तरफ SBI और अडानी जैसे स्टॉक्स विकास की नई कहानी लिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ IT सेक्टर तकनीक के बदलावों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों की राय है कि रिटेल निवेशकों को इस समय केवल उन स्टॉक्स पर ध्यान देना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं और जो भविष्य की तकनीकों के साथ खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

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