बाढ़ का पानी उतरते ही सामने आया भयानक मंजर: सारण में उपलाए 10 शव और 16 लोगों की मौत से दहला बिहार|
बिहार के सारण जिले में बाढ़ का पानी घटने के साथ ही हालात गंभीर हो गए हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों से 10 शव बरामद किए गए हैं और राहत कार्यों के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही है।

सारण जिले के बाढ़ प्रभावित मकेर थाना क्षेत्र में जलस्तर घटने के बाद घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी।
बिहार के सारण जिले में गंडक नदी और बाढ़ के पानी का जलस्तर घटने के साथ ही स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। पानी कम होने पर सामने आए दृश्यों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि विभिन्न इलाकों से कुल 10 शव बरामद किए गए हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, जलस्तर घटने के बाद मकेर थाना क्षेत्र से सबसे अधिक शव मिले हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मकेर थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से पुलिस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कुल 10 शव बरामद किए गए हैं। इनमें अकेले मकेर से 7, परसा से 2 और पानापुर से 1 शव शामिल है। एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से इन शवों को पानी से बाहर निकाला। इससे पहले शुक्रवार को भी मकेर, पानापुर और परसा क्षेत्रों से 6 शव बरामद किए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक कुल 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
दूसरी ओर, जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए राहत और बचाव अभियान को काफी तेज कर दिया गया है। भारी जलजमाव और बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गए हैं, जिससे सामान्य वाहनों से राहत सामग्री पहुंचाना असंभव हो गया था। इस चुनौती से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की सहायता ली जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, वायुसेना के हेलिकॉप्टरों द्वारा अब तक 15 उड़ानें भरी जा चुकी हैं, जिनके जरिए 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट हवा के माध्यम से गिराए गए हैं। इन पैकेटों के जरिए प्रभावित परिवारों तक 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री पहुंचाई गई है।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। सड़क मार्ग बंद होने के कारण एयर ड्रॉपिंग तकनीक का सहारा लेकर जरूरतमंदों तक समय पर भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
