जेल से बाहर आते ही कैंसर का पता, संजय राउत का बड़ा दावा, जेल में दिया गया स्लो पॉइजन|
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि पात्रा चॉल मामले में जेल में बिताए समय के दौरान उन्हें स्लो पॉइजन दिया गया था, जिससे उन्हें कैंसर हुआ।

इस तस्वीर में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।
मुंबई:शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि जेल में रहने के दौरान उनके स्वास्थ्य में गंभीर समस्या शुरू हुई थी और जेल से बाहर आने के बाद उन्हें कैंसर होने का पता चला। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके कैंसर की शुरुआत जेल में कथित तौर पर दिए गए ‘स्लो पॉइजन’ से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, यह संजय राउत की ओर से जताई गई आशंका है।
संजय राउत ने बताया कि वह पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आर्थर रोड जेल में 101 दिन तक रहे थे। उन्हें 1 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था और 9 नवंबर 2022 को जेल से रिहा किया गया था। राउत के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान ही उन्हें इस बीमारी से जुड़ी परेशानी शुरू हुई थी। नवंबर 2025 में उन्हें पेट का कैंसर होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने घर और अस्पताल में कीमोथेरेपी और रेडिएशन का इलाज कराया।
राउत ने बताया कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने करीब 10 दिन पहले उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान राहुल गांधी ने उनकी बीमारी के बारे में जानकारी ली। राउत के अनुसार, राहुल गांधी ने उन्हें टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने की सलाह दी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनके भोजन में किसी तरह का जहर तो नहीं मिलाया गया था।
संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी को उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ के असर की आशंका लगी थी। राउत के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि जेल में उनके जैसे लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने उनकी बीमारी को लेकर सवाल किया था कि उनके जैसे व्यक्ति को ऐसी बीमारी क्यों होनी चाहिए।
जेल में ही बीमारी शुरू होने का दावा
कोल्हापुर में एक मराठी अखबार को दिए इंटरव्यू में संजय राउत ने कहा कि उनका कैंसर जेल में ही शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद कैंसर का पता चला। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें दोबारा ‘स्लो पॉइजनिंग’ दी गई थी। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब उन्हें ऐसा लगने लगा है।
राउत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें विषाक्तता परीक्षण कराने के लिए कहा था। उनके अनुसार, इस जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि उनके भोजन में जहर मिलाया गया था या नहीं। राउत ने जेल में भोजन और पानी को लेकर भी आशंका जताई और कहा कि अधिकारियों द्वारा इनमें किसी तरह की गड़बड़ी की जा सकती है।
101 दिन आर्थर रोड जेल में रहे
संजय राउत ने पात्रा चॉल जमीन मामले में गिरफ्तारी के बाद आर्थर रोड जेल में 101 दिन बिताए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने अपने जेल अनुभवों को किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ में लिखा।
राउत ने यह भी दावा किया कि जेल में बंद रहे कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं की हालत भी खराब है। अपने हालिया बयान में उन्होंने अपने कैंसर और जेल में बिताए समय के बीच संबंध होने की आशंका जताई है और टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट की बात कही है।
संजय राउत की ओर से लगाए गए ‘स्लो पॉइजनिंग’ के आरोप और जहर दिए जाने की आशंका उनके बयान पर आधारित हैं। उपलब्ध जानकारी में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट के किसी नतीजे का विवरण नहीं दिया गया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
