बल्ले के बाद अब समाज सेवा में 'शतक': महाराष्ट्र के पहले क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के जरिए सचिन ने दिया ग्रामीणों को बिजली-पानी का उपहार।
सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने पालघर के 130 परिवारों को सोलर बिजली और जल समाधान देकर महाराष्ट्र के पहले क्लाइमेट स्मार्ट गांव की नींव रखी।

पालघर के गुहीर गांव में क्लाइमेट स्मार्ट विलेज परियोजना के उद्घाटन अवसर पर सचिन तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति ग्रामीणों का अभिवादन करते हुए।
पालघर: क्रिकेट जगत के दिग्गज और भारत रत्न से सम्मानित सचिन तेंदुलकर ने महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास की दिशा में एक नई इबारत लिखते हुए पालघर जिले के वाडा तालुका स्थित गुहीर गांव में राज्य के पहले 'क्लाइमेट स्मार्ट विलेज' (जलवायु अनुकूल गांव) प्रोजेक्ट का विधिवत उद्घाटन किया। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण पहल का प्राथमिक उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ जल समाधानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनशैली में आमूलचूल परिवर्तन लाना है। इस परियोजना के कार्यान्वयन से क्षेत्र के 130 आदिवासी परिवारों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा, जिससे उनके दैनिक जीवन और कृषि कार्यों में सुगमता आएगी।
परियोजना के तकनीकी पक्ष की बात करें तो फाउंडेशन ने गांव के 130 घरों में अत्याधुनिक सोलर पैनल स्थापित किए हैं। यह सौर ऊर्जा प्रणाली न केवल घरेलू उपयोग के लिए मुफ्त बिजली प्रदान करेगी, बल्कि कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सक्षम होगी। ग्रामीणों की दिनचर्या को और अधिक सहज बनाने के लिए सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने गांव में एक सौर ऊर्जा संचालित आटा चक्की (फ्लोर मिल) भी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, पूरे गांव की जलापूर्ति व्यवस्था को सौर ऊर्जा बुनियादी ढांचे से जोड़ा गया है, जिससे निवासियों को बारहमासी और निरंतर स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर अपनी पुत्री सारा तेंदुलकर और पत्नी अंजलि तेंदुलकर (जिन्हें स्थानीय विवरणों में सानिया के रूप में भी संदर्भित किया गया है) के साथ उपस्थित रहे। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सचिन ने इस परियोजना के दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल बिजली और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी, विशेषकर स्थानीय छात्रों के लिए शिक्षा के नए अवसर खोलेगी। तेंदुलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह फाउंडेशन ने अन्य राज्यों में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पांच लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया है, उसी तर्ज पर महाराष्ट्र का यह पहला प्रोजेक्ट भी एक सफल रोल मॉडल साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पालघर में शुरू हुई यह 'क्लाइमेट स्मार्ट विलेज' पहल महाराष्ट्र के अन्य जिलों के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करेगी। स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी और समुदाय-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं का यह अनूठा संगम न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
