कीव पहुंचे जयशंकर ने जेलेंस्की से की मुलाकात, रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने और शांति प्रयासों पर हुई अहम चर्चा|
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की भारत की इच्छा और मध्यस्थता प्रयासों के प्रति आभार जताया है।

कीव में बैठक के दौरान हाथ मिलाते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (बाएं) और विदेश मंत्री एस. जयशंकर (दाएं) दोनों देशों के बीच शांति प्रयासों पर चर्चा के संदर्भ में।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी आधिकारिक कीव यात्रा के दौरान गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. इस अहम बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयां देने के उपायों पर चर्चा हुई, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के संभावित तरीकों पर भी विस्तार से बातचीत की गई. यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात के तुरंत बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई है. उन्होंने जेलेंस्की को यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ हुई द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने से जुड़ी वार्ताओं से भी अवगत कराया और बताया कि इस पूरी चर्चा का मुख्य केंद्र चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उपाय तलाशना था.
इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत के रुख की सराहना की. उन्होंने लिखा कि वे यूक्रेन के खिलाफ रूस के इस युद्ध को समाप्त करने की भारत की गहरी इच्छा और उसके प्रयासों के लिए पूरी तरह आभारी हैं. जेलेंस्की ने जोर देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से युद्ध का समय नहीं होना चाहिए और आज दुनिया को शांति की सबसे अधिक आवश्यकता है, जो कि भारत की भी एकदम स्पष्ट और अडिग स्थिति रही है.
मुलाकात के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जिस समय भारतीय विदेश मंत्री कीव में उनके साथ मौजूद थे, उसी दौरान रूस ने एक बार फिर ईरान की सहायता से बने जेट-संचालित 'शाहेद' ड्रोन लॉन्च किए. हालांकि, यूक्रेनी लड़ाकू विमानों की मुस्तैदी और उनकी बदौलत प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह सुरक्षित रहा, क्योंकि ऐसे अधिकांश ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया. उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि दुनिया के अन्य शक्तिशाली और मजबूत देश भी इस दिशा में अपना स्पष्ट रुख अपनाएंगे ताकि इस विनाशकारी युद्ध को समाप्त किया जा सके और एक स्थायी एवं विश्वसनीय शांति स्थापित हो सके.
अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ हुई अपनी पूर्व चर्चाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह पूरी बातचीत 2022 से लगातार चल रहे युद्ध के व्यापक और गंभीर संदर्भ में हो रही है. इस यात्रा से पहले भी वे और विदेश मंत्री सिबिहा नियमित संपर्क में बने हुए हैं, जिसकी पुष्टि उन्होंने मई में साइप्रस, मार्च में फ्रांस, फरवरी में म्यूनिख तथा पिछले साल कनाडा और नई दिल्ली में हुई बैठकों के माध्यम से की.
विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच हुई पूर्व मुलाकातों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि दोनों नेता विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार मिलते रहे हैं, जिसमें इस साल जून के महीने में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई नवीनतम मुलाकात भी शामिल है, और उन्हें इनमें से अधिकांश महत्वपूर्ण बैठकों में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है.
यूक्रेन और भारत के बीच कूटनीतिक संवाद के इस नए दौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शांति प्रयासों को एक नया आयाम दिया है, जिससे वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस यात्रा के परिणामों पर गहरी नजर रखी जा रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
