राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत आगामी 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होंगे। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यह दौरा वहां के स्थानीय प्रवासी भारतीय संगठनों के विशेष निमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है।

संघ की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यद्यपि यह यात्रा एक संयोग है कि यह आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रही है, लेकिन इसे संगठन के वैश्विक संपर्क के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है। नागपुर स्थित मुख्यालय से संचालित होने वाले इस प्रमुख हिंदुत्ववादी संगठन के प्रमुख की इस विदेश यात्रा को लेकर प्रवासी भारतीयों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। इन तीनों देशों में प्रवास के दौरान मोहन भागवत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रवासी समुदायों के संगठनों से संवाद स्थापित करेंगे। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि इस वैश्विक यात्रा से विदेशों में रह रहे स्वयंसेवकों और भारतीय प्रवासियों के साथ वैचारिक जुड़ाव और अधिक मजबूत होगा। इस बहुप्रतीक्षित दौरे को लेकर प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

Lalita Rajput

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