कांवड़ियों पर फूल बरसाने से गरमाई सियासत, RLD विधायक गुलाम मोहम्मद पर AIMIM ने उठाए तीखे सवाल|
मेरठ में सीएम योगी के साथ कांवड़ियों पर फूल बरसाने वाले आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद पर एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान ने तीखा सवाल उठाया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सावन के पवित्र महीने के दौरान कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा करने को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। मेरठ की सिवालखास विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के विधायक गुलाम मोहम्मद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाने के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी तीखे तेवर में आ गई है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरएलडी विधायक पर जोरदार हमला बोला है और तीखे सवाल खड़े किए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों शिवभक्त कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों की ओर लौट रहे हैं। बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ में कांवड़ मेले में शामिल होने के लिए पहुँचे थे। इस दौरान सिवालखास विधानसभा क्षेत्र से आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद भी मंच पर उनके साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री के साथ मिलकर विधायक ने भी कांवड़ियों के ऊपर पुष्पवर्षा की थी। इस राजनीतिक और धार्मिक सहभागिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद से ही यह मामला राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।
वीडियो सामने आने के बाद एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान ने एक वीडियो जारी कर विधायक गुलाम मोहम्मद पर सीधा निशाना साधा। शादाब चौहान ने तीखे शब्दों में कहा कि सिवाल विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने, और विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं ने, उन्हें भारतीय जनता पार्टी को हराने और योगी सरकार की नीतियों के विरोध में अपना वोट दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब से वे सत्ता पक्ष के साथ जुड़े हैं, पिछले तीन वर्षों के दौरान क्या प्रदेश में मुसलमानों की मॉब लिंचिंग की घटनाएं नहीं हुईं? क्या उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलाए गए? क्या फर्जी एनकाउंटर और मस्जिद-मदरसों को टारगेट किए जाने जैसे मुद्दे सामने नहीं आए?
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने आगे कड़े शब्दों में पूछते हुए कहा कि क्या जिस प्रकार से विधायक महोदय कांवड़ियों पर उत्साह के साथ फूल बरसा रहे थे, वैसी ही हैसियत और औकात वे कभी नमाजियों पर फूल बरसाने के लिए दिखा सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का आचरण सिवाल खास की जनता के साथ एक प्रकार की गद्दारी है, क्योंकि जनता ने उन्हें किसी और उद्देश्य के लिए चुनकर विधानसभा भेजा था। हालांकि, शादाब चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को अपने धर्म का पालन करने, पूजा करने, कांवड़ लाने, तिलक लगाने या अपनी पसंद का पहनावा अपनाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है और इस व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के बीच जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गौरतलब है कि गुलाम मोहम्मद राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख विधायकों में से एक हैं और इससे पहले वे समाजवादी पार्टी में भी अपनी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था। वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के तहत वे आरएलडी के पाла में हैं और हाल ही में 8 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा करते हुए कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करने के कारण सुर्खियों में आए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर तेज हो गया है और विभिन्न दलों के नेता इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
