युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा हमला, सुरजेवाला बोले- माफी मांगें मोदी-शाह, डिलिमिटेशन पर भी घेरा|
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी डिलिमिटेशन बिल पर डीएमके के साथ समन्वय करेगी और युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रणदीप सुरजेवाला छात्र आंदोलन, पेपर लीक और डिलिमिटेशन बिल पर मीडिया को संबोधित कर रहे हैं।
देश की राजनीति में इन दिनों छात्र आंदोलन, पेपर लीक, बेरोजगारी और परिसीमन यानी डिलिमिटेशन बिल जैसे मुद्दे सबसे गरमाए हुए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने सड़क से लेकर संसद तक अपनी आक्रामक रणनीति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हाल ही में एक विशेष बातचीत के दौरान देश के ज्वलंत राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष बेबाकी से रखा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी बिना किसी शर्त के देश के युवाओं, छात्रों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
युवाओं के मुद्दों पर बोलते हुए रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में छात्र आंदोलनों के दौरान जिस तरह से छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज किया गया, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और छात्राओं के साथ बदसलूकी की गई, वह बेहद निंदनीय है। इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर गृह मंत्रालय पर आती है। सुरजेवाला ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी की यह स्पष्ट मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। यदि वे ऐसा करने में असमर्थ रहते हैं, तो उन्हें नैतिक रूप से अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई के बाद इस आंदोलन को बड़ा मुद्दा बनाया, तो उन्होंने इस बात का सिरे से खंडन किया। सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने शुरुआत से ही छात्र आंदोलनों का पुरजोर समर्थन किया है। संसद के भीतर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार युवाओं की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। पुलिस की तरफ से बल प्रयोग किए जाने के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव भी किया था। कांग्रेस पार्टी किसी एक व्यक्ति या संगठन को नहीं बल्कि देश के उन तमाम युवाओं के न्याय की बात को समर्थन दे रही है जो शिक्षा और रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं।
राजनीतिक गठबंधनों और विपक्षी एकजुटता के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि संसद के भीतर पूरा विपक्ष मिलकर युवाओं की आवाज उठा रहा है। कांग्रेस पार्टी पहले से ही 'छात्रों की गूंज' नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है, जिसका सीधा नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस डिलिमिटेशन बिल यानी परिसीमन के मुद्दे पर द्रमुक यानी डीएमके और अन्य विपक्षी दलों के साथ समन्वय या सहयोग करेगी, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस, डीएमके और अधिकांश विपक्षी दलों का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक है, लेकिन डिलिमिटेशन के नाम पर देश के संघीय ढांचे और संविधान के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी इस तरह के हर प्रयास का कड़ा विरोध करेगी।
वर्तमान राजनीतिक माहौल और आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करते हुए सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का यह आक्रामक तेवर केवल किसी आगामी चुनाव को जीतने की रणनीति नहीं है। यह देश के युवा वर्ग, उनके रोजगार, बेहतर शिक्षा प्रणाली और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी इन तमाम गंभीर मुद्दों को केवल संसद के भीतर ही नहीं बल्कि सड़क से लेकर जनता के बीच तक पूरी ताकत के साथ उठाती रहेगी।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और सांगतिक चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल इस पर उचित समय पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। उन्हें पूरी उम्मीद और भरोसा है कि पंजाब की जनता कांग्रेस को एक मजबूत और बेहतर विकल्प के रूप में देख रही है और पार्टी वहां पूरी एकजुटता के साथ आगे बढ़ेगी।
इस पूरी बातचीत से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ युवा केंद्रित मुद्दों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के नाम पर अपने संघर्ष को और अधिक तेज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और संघीय ढांचे से जुड़े हर बड़े मुद्दे पर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
