श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच दल ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और गबन प्रकरण में नामजद संदिग्ध कर्मियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। इन सभी को अब जिला छोड़ने के लिए विशेष अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। छह दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है।

जांच का मुख्य केंद्र दानपात्रों में आने वाली धनराशि का उपयोग, ट्रस्ट द्वारा किए गए अनावश्यक खर्चे और वर्ष 2021 से अब तक हुई भूमि खरीद के मामले हैं। एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, व्यवस्थापक गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र समेत मंदिर व्यवस्था से जुड़े प्रमुख लोगों से विस्तृत पूछताछ की है। जांच टीम ने मंदिर के ग्रीन हाउस में अपना कैंप कार्यालय बनाकर मंदिर के आभूषणों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों, गणना प्रभारियों और बैंक अधिकारियों के साथ भी बैठकें कीं।

भूमि खरीद के मामले में एसआईटी का विशेष ध्यान ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2021 के बाद खरीदी गई लगभग 44 एकड़ जमीन पर केंद्रित रहा। टीम ने उन भूखंडों की खरीद प्रक्रिया, उनकी वास्तविक कीमत और ट्रस्ट द्वारा दी गई अधिक धनराशि के कारणों पर ट्रस्टी व व्यवस्थापक से कड़े सवाल किए। बयानों की सत्यता जांचने के लिए टीम ने पूर्व भू-स्वामियों और ट्रांजैक्शन से जुड़े बैंक अधिकारियों को भी रिकॉर्ड के साथ तलब किया।

एसआईटी ने अब तक मंदिर परिसर से जुड़े लगभग सवा सौ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इन बयानों के आधार पर तैयार की गई प्रारंभिक रिपोर्ट से इस मामले में स्पष्टता आने की उम्मीद है। जांच टीम के सदस्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ रवाना हो रहे हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट औपचारिक रूप से सौंपेंगे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट से जुड़े तमाम वित्तीय लेन-देन की गहन समीक्षा की जा रही है, जो भविष्य में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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