निर्वाचन आयोग ने जून और जुलाई में खाली हो रही 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया, मतदान और मतगणना 18 जून को होगी।

Rajya Sabha Election 2026 : देश के सियासी गलियारों में एक बार फिर संसद के उच्च सदन की सर्वोच्चता को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने जून और जुलाई के महीनों में खाली हो रही राज्यसभा की चौबीस सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों के शंखनाद के साथ ही दो राज्यों में उपचुनावों की भी घोषणा कर दी है। इस बड़े ऐलान के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के भीतर गुणा-भाग और शह-मात का खेल शुरू हो चुका है क्योंकि इन चौबीस सदस्यों का कार्यकाल आगामी जून से जुलाई के बीच समाप्त होने जा रहा है। उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने और समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीतिकारों ने अभी से किलेबंदी तेज कर दी है।

जून में सजेगा चुनावी रण, एक ही दिन होगी वोटिंग और नतीजों की घोषणा :

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, इन दस राज्यों में मौजूदा राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल इक्कीस जून से उन्नीस जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर पूरा हो रहा है। इस शून्य को भरने के लिए आयोग एक जून को आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा, जिसके साथ ही देश भर में नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उम्मीदवारों के लिए पर्चा दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून निर्धारित की गई है। इसके पश्चात सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक दिन अट्ठारह जून का होगा, जब सुबह से इन सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि अट्ठारह जून को ही मतदान समाप्त होने के बाद मतों की गिनती की जाएगी और उसी शाम अंतिम परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी।

दक्षिण से पूर्वोत्तर तक सीटों का गणित: जानिए किस राज्य में कितनी सीटों पर है मुकाबला

संसद के इस महासमर का विस्तार देश के सुदूर राज्यों तक देखने को मिल रहा है। चुनावी रणक्षेत्र का भौगोलिक विश्लेषण करें तो आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में चार-चार सीटों के लिए घमासान होना तय है। वहीं, हिंदी पट्टी के दो प्रमुख राज्यों मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों पर प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी। कोयलांचल के राज्य झारखंड में दो सीटों के लिए जोर आजमाइश होगी, जबकि पूर्वोत्तर भारत के चार राज्यों मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर चुनावी मुकाबला लड़ा जाएगा। इन सभी राज्यों में स्थानीय विधायकों की संख्या बल के आधार पर राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना होगा।

महाराष्ट्र और तमिलनाडु में उपचुनाव का तड़का, इन वजहों से खाली हुईं सीटें :

द्विवार्षिक चुनावों के अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु में खाली हुई दो राज्यसभा सीटों पर भी एक साथ उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है। ये दोनों ही सीटें मौजूदा सांसदों के इस्तीफे के बाद असमय खाली हुई थीं। महाराष्ट्र में यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब सुनेत्रा पवार ने विधायक चुने जाने के बाद छह मई को संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया, जबकि उनका वास्तविक कार्यकाल चार जुलाई दो हजार अठासी तक सुरक्षित था। ठीक इसी तरह की कहानी तमिलनाडु में भी दोहराई गई, जहां ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईएडीएमके के प्रमुख नेता सीवी शनमुगम ने मैलाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद सात मई को उच्च सदन की सदस्यता छोड़ दी, जिनका कार्यकाल जून दो हजार अठासी में समाप्त होना था। इन दोनों ही सीटों पर भी अट्ठारह जून को ही मुख्य चुनाव के साथ मतदान और परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

निष्पक्षता की कसौटी पर चुनाव आयोग, सुरक्षा और निगरानी के कड़े निर्देश :

चूंकि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षात्मक और प्रशासनिक कदम बेहद कड़े कर दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रत्येक राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और सूक्ष्म निगरानी करने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव या दबाव की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके। उच्च सदन की यह जंग आगामी दिनों में देश की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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