फिर टूटी शांति-राजौरी में नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन, भारतीय सेना ने दी कड़ी प्रतिक्रिया|
राजौरी के तारकुंडी सेक्टर में पाकिस्तान ने डेढ़ घंटे की भारी फायरिंग, भारतीय सेना ने संदिग्ध गतिविधियों का दिया कड़ा जवाब।

राजौरी के सीमावर्ती इलाके में नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना के जवान सतर्कता बरतते हुए।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तारकुंडी अग्रिम क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने सीमा पार से संदिग्ध गतिविधियों को महसूस किया, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी गई। यह गोलीबारी सुबह करीब 9:50 बजे बिना किसी उकसावे के शुरू हुई, जो लगभग डेढ़ घंटे तक निरंतर जारी रही। घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने स्थिति का त्वरित संज्ञान लिया और जवाबी कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
सेना के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस घटना में भारतीय पक्ष की ओर से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। घुसपैठ की किसी भी संभावित कोशिश को विफल करने के लिए भारतीय जवानों द्वारा इलाके में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान द्वारा की गई यह हरकत अपने घरेलू राजनीतिक और अस्थिर हालात से अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने का एक प्रयास हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष संपन्न हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यह सीजफायर उल्लंघन की पहली बड़ी घटना मानी जा रही है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना ने सीमा पार किए बिना अत्यधिक सटीकता के साथ नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय भी शामिल थे। उस ऑपरेशन के बाद से सीमा पर शांति बनी हुई थी और केवल कुछ छिटपुट घटनाएं ही दर्ज की गई थीं। मौजूदा परिस्थिति में भारतीय सेना किसी भी नापाक हरकत से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार है और अग्रिम चौकियों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी सीमावर्ती निवासियों को सुरक्षा के मद्देनजर एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। सीमा पर भारी गोलाबारी और उथल-पुथल के बीच यह घटना सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
