बिहार की जनता से कहा कि 'जननायक' पद केवल कर्पूरी ठाकुर को ही शोभायमान करता है और कोई भी इसे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपमानित नहीं कर सकता।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित युवा संवाद और पीएम सेतू योजना की लॉचिंग के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बिहार की लालू-राबड़ी सरकार पर ताजा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के ‘जननायक’ पद की चोरी की कोशिशें की जा रही हैं और बिहार के नागरिकों को इस मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जननायक का यह गौरवपूर्ण पद केवल कर्पूरी ठाकुर की कृतियों और उनके योगदान के कारण ही शोभायमान है।

प्रधानमंत्री ने युवा संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान बिहार को नई स्किल यूनिवर्सिटी मिली है, जिसका नाम भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा गया है। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि यह पद केवल कर्पूरी ठाकुर को ही शोभायमान करता है और कोई भी इसे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपमानित नहीं कर सकता। पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले दिनों वोटर अधिकार यात्रा और सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘जननायक’ बताने की कवायद हुई, जो कर्पूरी ठाकुर के सम्मान के खिलाफ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज की सेवा और शिक्षा के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्ग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उनके नाम पर बनने वाली यूनिवर्सिटी इस सपने को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी। मोदी ने कहा कि बिहार के युवा इस पहल के माध्यम से नई शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण में शामिल हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बिहार के पिछले दशकों की शिक्षा और प्रशासनिक स्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजद के कुशासन में बिहार की हालत एक ऐसे पेड़ जैसी थी, जिसकी जड़ों में कीड़ा लग चुका था। शिक्षा व्यवस्था अधूरी थी, संस्थान पर्याप्त नहीं थे और लाखों बच्चों को मजबूरी में अन्य राज्यों में शिक्षा हासिल करने के लिए जाना पड़ता था। लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए की सरकार ने बिहार को पुनः पटरी पर लाकर उसे नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में भी बिहार में विकास की झलक दिखाई दे रही है।

प्रधानमंत्री के इस बयान से स्पष्ट हुआ कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान और उनके पद का सम्मान भारतीय राजनीति और समाज में अहम मुद्दा बन गया है। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि वे जागरूक रहें और इस गौरवपूर्ण पद को किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से सुरक्षित रखें।

इस युवा संवाद और कौशल दीक्षांत समारोह ने न केवल बिहार के शिक्षा और कौशल क्षेत्र में विकास की दिशा को उजागर किया, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में भी गहरी छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह संदेश दिया कि इतिहास और सम्मान को किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए मिटाया नहीं जा सकता और जनता की सतर्कता ही इसे सुरक्षित रख सकती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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