रायबरेली: उत्तर प्रदेश के हाई-प्रोफाइल चुनावी और सियासी गढ़ रायबरेली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ एक जनसभा के दौरान की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली की एक स्थानीय अदालत में औपचारिक रूप से परिवाद दर्ज करा दिया गया है। यह कानूनी कदम भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता शकील अहमद खान की शिकायत के बाद उठाया गया है। न्यायालय पंचम अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) जेएम की अदालत ने इस परिवाद को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद इस पूरे मामले ने कानूनी और राजनीतिक रूप से तूल पकड़ लिया है।

शिकायतकर्ता शकील अहमद खान ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान पूरी तरह प्रतिशोध की भावना से ग्रसित होकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहकर संबोधित किया था। परिवाद के अनुसार, सार्वजनिक मंच से दिए गए इस आपत्तिजनक भाषण के कारण न केवल देश का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया, बल्कि इससे भाजपा कार्यकर्ताओं और देश के नागरिकों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ-साथ पूरी पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है, जो सीधे तौर पर मानहानि की श्रेणी में आता है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत, मामला अदालत में जाने से पहले स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी इससे अवगत कराया गया था। परिवादकर्ता मोहम्‍मद शकील ने बताया कि राहुल गांधी के इस बयान से पूरे जिले के लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने डाक के माध्यम से रायबरेली के पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजकर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस स्तर पर कोई ठोस आश्वासन या त्वरित दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने के बाद, उन्होंने न्याय के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवाद को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है और आगामी सुनवाई के लिए आगामी तारीख तय कर दी है, जहां शिकायतकर्ता के बयान और साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।

यह पूरा विवाद उस समय और ज्यादा गहरा गया जब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से राहुल गांधी के इस भाषण का वीडियो साझा किया गया। जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सीधे हमले बोलते हुए कहा था कि यदि उनके लोग सामने आकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की बात करें, तो जनता को उन्हें खुलकर गद्दार कहना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर संविधान, महात्मा गांधी और बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर हमला करने और देश के हितों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे। अब जबकि यह मामला पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया के अधीन आ चुका है, आने वाले समय में रायबरेली की यह कानूनी लड़ाई देश की राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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