Rahul Gandhi India US Trade Deal : भारतीय राजनीति के गलियारे आज उस समय गरमा गए जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर देश के किसानों के हितों के साथ "सौदा" किया है। यह विवाद तब और गहरा गया जब सदन में भारी हंगामे के बीच कांग्रेस के सात सांसदों और एक माकपा (CPI-M) सांसद को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।

राहुल गांधी के 'प्रेशर पॉइंट्स' और गंभीर आरोप :

संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि यह व्यापार समझौता महज एक आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अमेरिकी एजेंसियों के दबाव का परिणाम है। उनके आरोपों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

अडानी और एपस्टीन फाइलों का जिक्र: गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका में गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले और अभी तक सार्वजनिक न की गई 'एपस्टीन फाइलों' (Epstein Files) का डर दिखाकर प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बनाया गया।

किसानों के साथ विश्वासघात: उन्होंने कहा कि अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करना भारतीय किसानों के "खून-पसीने" की कमाई को बेचने जैसा है।

सौदा या समर्पण: राहुल गांधी के अनुसार, जो समझौता पिछले कई महीनों से अटका हुआ था, उसे अचानक रातों-रात इसलिए स्वीकार कर लिया गया क्योंकि सरकार की "वित्तीय संरचना" और छवि दांव पर थी।

सरकार का पलटवार: 'किसान-प्रथम' समझौता

विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे देश के लिए एक "ऐतिहासिक" और "किसान-प्रथम" (Farmers-First) समझौता करार दिया।

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: गोयल ने आश्वस्त किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत में अमेरिकी कृषि उत्पादों की "बाढ़" आने की खबरें भ्रामक हैं।

निर्यात को बढ़ावा: समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय सामानों पर लगने वाले आयात शुल्क (Tariff) को 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और रत्न-आभूषण क्षेत्रों को भारी लाभ होगा।

रूसी तेल पर रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावों के बीच, सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक बाजारों से रणनीतिक खरीदारी जारी रखेगा, जिसमें अब वेनेजुएला का तेल भी शामिल हो सकता है।

संसदीय गतिरोध और सांसदों का निलंबन :

सदन के भीतर माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों का हवाला देने पर अड़ गए। सभापति ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।

निलंबन की कार्रवाई: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की अवमानना और "कागज फाड़कर चेयर की ओर फेंकने" के आरोप में 8 सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

लोकतंत्र पर प्रहार: निलंबित सांसदों और कांग्रेस नेतृत्व ने इस कार्रवाई को "आवाज दबाने की कोशिश" बताया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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