क्या Raghav Chadha जायेंगे दूसरी पार्टी में ? AAP से तनातनी के बाद मिला बड़ा संकेत
राघव चड्डा और AAP के बीच दरार बढ़ी। राज्यसभा सांसद ने नई पार्टी बनाने के संकेत देकर सियासी हलचल तेज की। क्या होगा चड्डा का अगला कदम? जानें पूरी कहानी।

राघव चड्डा
Raghav Chadha AAP Dispute : आम आदमी पार्टी के भीतर जारी सत्ता संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में से एक, राघव चड्डा के अगले कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने और बोलने पर पाबंदी लगने के बाद, चड्डा ने सोशल मीडिया पर अपनी हालिया गतिविधियों से सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसी रील साझा की है, जिसमें उन्हें 'अपनी खुद की पार्टी' बनाने की सलाह दी जा रही है। चड्डा द्वारा इस विचार को 'दिलचस्प' करार देना केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि उनकी भविष्य की राजनीति के प्रति एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
विवाद की जड़ें तब और गहरी हो गईं जब पार्टी ने उन पर बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाने और संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों के बजाय गौण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। सौरभ भारद्वाज और अतिशी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार और अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान उनकी अनुपस्थिति ने आग में घी का काम किया है। अतिशी ने तो सीधे तौर पर पूछा कि क्या वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तापक्ष से सवाल करने से डरते हैं।
इन गंभीर आरोपों के बीच राघव चड्डा ने जिस तरह से जवाब दिया है, वह बेहद रणनीतिक है। उन्होंने प्रसिद्ध लेखक रॉबर्ट ग्रीन की पुस्तक 'द 48 लॉज ऑफ पावर' की तस्वीर साझा की, जिसका पहला अध्याय ही कहता है कि 'कभी भी अपने गुरु या मास्टर से ज्यादा चमकने की कोशिश न करें।' यह संदेश सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व के साथ उनके तनावपूर्ण संबंधों और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष माना जा रहा है। चड्डा का कहना है कि उन्हें चुप कराया जा रहा है, जबकि वे केवल जनता के मुद्दे उठा रहे थे।
फिलहाल, राघव चड्डा की ओर से किसी नई पार्टी की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से वे युवाओं और 'जेन-जी' के समर्थन की बात कर रहे हैं, उससे साफ है कि वे अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। यह घटनाक्रम केवल एक सांसद और उसकी पार्टी के बीच का झगड़ा नहीं है, बल्कि यह दिल्ली और पंजाब की राजनीति में एक नए समीकरण के जन्म की आहट भी हो सकता है। आने वाले दिन यह स्पष्ट करेंगे कि राघव चड्डा अपनी पुरानी जड़ों के साथ समझौता करेंगे या भारतीय राजनीति के क्षितिज पर एक नई शक्ति बनकर उभरेंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
