क्या 'आप' छोड़ने के पीछे यही वजह थी राघव चड्डा की ? बीजेपी में कदम रखते ही बढ़ा कद
आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की शक्तिशाली याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, जिन्हें संसद की शक्तिशाली याचिका समिति का नया अध्यक्ष नामित किया गया है।
Raghav Chadha joins BJP reward : भारतीय राजनीति के गलियारों में दलबदल और सत्ता के समीकरणों का खेल हमेशा से ही दिलचस्प रहा है, लेकिन हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कमल थामने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की किस्मत ने जो यू-टर्न लिया है, उसने सबको हैरान कर दिया है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी को तगड़ा झटका देकर भाजपा में शामिल होने वाले पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा का कद भगवा दल में आते ही बेहद बड़ा हो गया है। शनिवार, 23 मई को संसद के उच्च सदन राज्यसभा से एक ऐसी बड़ी खबर सामने आई, जिसने देश के राजनीतिक पंडितों को नए सिरे से गुणा-भाग करने पर मजबूर कर दिया है। महज एक महीना पहले भाजपा में शामिल हुए युवा नेता राघव चड्ढा को अब राज्यसभा की बेहद प्रतिष्ठित और ताकतवर 'याचिका समिति' (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। संसद के गलियारों में इसे राघव चड्ढा के लिए भाजपा का एक बहुत बड़ा 'इनाम' माना जा रहा है, जिसने पार्टी बदलते ही सीधे उनकी सियासी ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है।
इस बड़े फैसले की आधिकारिक शुरुआत राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा याचिका समिति के पुनर्गठन के साथ हुई। सभापति ने बेहद गंभीर विचार-विमर्श के बाद सदन के दस प्रमुख सदस्यों को इस विशेष समिति के लिए नामित किया और इसकी कमान राघव चड्ढा के हाथों में सौंप दी। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी की गई एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, इस समिति का पुनर्गठन 20 मई 2026 से ही प्रभावी माना गया है। नए अध्यक्ष राघव चड्ढा के नेतृत्व में काम करने वाली इस समिति में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही, संसदीय व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राज्यसभा सचिवालय ने एक अन्य आधिकारिक अधिसूचना जारी कर राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 संबंधी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है। वहीं, लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक भिन्न अधिसूचना के तहत अध्यक्ष ने अरविंद गणपत सावंत को इसी कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक की संयुक्त समिति में नामित किया है, जो फैसला 21 मई से पूरी तरह लागू हो चुका है।
संसदीय लोकतंत्र में याचिका समिति का काम बेहद महत्वपूर्ण और सीधे आम जनता से जुड़ा होता है। इस समिति का प्राथमिक और सबसे बड़ा काम सदन के सामने देश के नागरिकों द्वारा पेश की गई विभिन्न याचिकाओं की बारीकी से जांच करना होता है। इसके अलावा, यह शक्तिशाली समिति कार्यपालिका यानी सरकार के कामकाज से संबंधित विशेष सार्वजनिक शिकायतों और सामान्य सार्वजनिक महत्व के बड़े मामलों की भी गहनता से जांच करती है। एक तरह से यह समिति आम जनता और सरकार के बीच एक पुल का काम करती है, और अब इसके मुखिया के तौर पर राघव चड्ढा के पास सरकारी नीतियों और जनता की शिकायतों पर सीधे नजर रखने का बड़ा अधिकार आ गया है।
Rajya Sabha MP Raghav Chadha appointed as the Chairman of the Committee on Petitions of the Rajya Sabha pic.twitter.com/Nl35BFBSSH
— ANI (@ANI) May 23, 2026
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि को देखें तो राघव चड्ढा की यह नई भूमिका भारतीय राजनीति में एक बड़े बदलाव की गवाह है। पंजाब से आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे राघव चड्ढा ने इसी साल 24 अप्रैल को अचानक अपनी पुरानी पार्टी छोड़ दी थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वे अकेले भाजपा में नहीं आए थे, बल्कि उनके साथ-साथ आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से भी ज्यादा राज्यसभा सांसदों ने एक साथ बगावत करते हुए भाजपा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया था। इस सामूहिक दलबदल ने न सिर्फ 'आप' के पैरों तले से जमीन खिसका दी थी, बल्कि राज्यसभा में भाजपा की स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती भी प्रदान की थी। अब पार्टी बदलने के ठीक एक महीने बाद राघव चड्ढा को मिला यह बड़ा पद इस बात का साफ संकेत है कि भाजपा में उनके सियासी कद और रणनीतिक कौशल को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। इस नियुक्ति ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में देश के सबसे बड़े सदन में राघव चड्ढा भाजपा के एक बेहद मजबूत और प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरने वाले हैं, जिसका सीधा असर देश की भावी राजनीति पर पड़ना तय है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
