NEET re-exam देने वाले छात्रों को पंजाब सरकार की राहत; 20 से 22 जून तक सरकारी बसों का मिलेगा मुफ्त सफर
पेपर लीक के कारण दोबारा आयोजित हो रही नीट परीक्षा के परीक्षार्थियों को पंजाब सरकार ने दी आर्थिक राहत; एडमिट कार्ड दिखाने पर मिलेगी निःशुल्क बस सेवा।

नीट यूजी पुनर्परीक्षा के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा परीक्षार्थियों की आर्थिक सुविधा के लिए राज्य परिवहन की बसों में निःशुल्क यात्रा सेवा की घोषणा की गई।
Punjab NEET re-exam free bus travel : देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' में हुए कथित पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं के देशव्यापी भूचाल के बीच पंजाब की भगवंत मान सरकार ने संकट से जूझ रहे परीक्षार्थियों के हक में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राष्ट्रव्यापी स्तर पर मचे भारी बवाल और चौतरफा अदालती व प्रशासनिक फैसलों के बाद घोषित की गई नीट पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले पंजाब के तमाम छात्रों को राज्य सरकार ने एक बड़ी आर्थिक राहत दी है। पंजाब सरकार ने आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि आगामी 20 जून से लेकर 22 जून तक होने वाली नीट-यूजी री-एग्जाम में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों को राज्य की सरकारी स्वामित्व वाली परिवहन बसों में बिल्कुल मुफ्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस संवेदनशील और अभूतपूर्व फैसले ने न केवल छात्रों के मानसिक तनाव को कुछ कम किया है, बल्कि देश में जारी इस बड़े शैक्षिक संकट के बीच राज्य सरकारों की भूमिका पर भी एक नई बहस छेड़ दी है।
इस कल्याणकारी योजना के धरातल पर क्रियान्वयन और इसके प्रशासनिक संचालन को लेकर राज्य परिवहन विभाग ने बेहद कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकारी आदेश के अनुसार, परीक्षार्थियों को इस निःशुल्क बस सेवा का लाभ उठाने के लिए किसी भी तरह की जटिल कागजी प्रक्रिया या अग्रिम बुकिंग के झंझट से नहीं गुजरना पड़ेगा। नीट पुनर्परीक्षा देने वाले छात्रों को बस सफर के दौरान केवल और केवल अपना प्रामाणिक एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) बस कंडक्टर को दिखाना होगा, जिसे ही यात्रा का वैध टिकट माना जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले देश भर के लगभग बाईस लाख से भी अधिक होनहार उम्मीदवारों के भविष्य को अधर में लटकाते हुए मूल परीक्षा को देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक के गंभीर आरोपों के चलते रद्द करना पड़ा था। परीक्षा निरस्त होने से न केवल छात्रों की बरसों की कड़ी मेहनत दांव पर लग गई थी, बल्कि सुदूर परीक्षा केंद्रों तक दोबारा जाने-आने का अप्रत्याशित वित्तीय बोझ भी उनके परिवारों पर आन पड़ा था, जिसे कम करने में पंजाब सरकार का यह कदम बेहद मददगार साबित हो रहा है।
राजनीतिक और नीतिगत मोर्चे पर इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है। आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल समेत कई दिग्गज नेताओं ने पंजाब सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले को सीधे तौर पर जमीनी प्रतिक्रिया और छात्रों की वास्तविक दिक्कतों के निवारण से उपजा हुआ एक संवेदनशील निर्णय बताया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस निशुल्क यात्रा योजना के लागू होने से विशेष रूप से उन आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण परिवेश से आने वाले परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, जिनके बच्चे आर्थिक तंगी के बावजूद देश के विभिन्न बड़े शहरों में बने परीक्षा केंद्रों तक का लंबा सफर तय करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में पुराने घटनाक्रमों की गूंज भी सुनाई देने लगी है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी नेताओं ने याद दिलाया है कि साल 2021 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी इसी तर्ज पर महिलाओं और छात्रों के लिए एक व्यापक मुफ्त बस यात्रा योजना की शुरुआत की थी, लेकिन मौजूदा संकटपूर्ण परिस्थितियों में नीट परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उठाया गया यह कदम अपनी तात्कालिकता और संवेदनशीलता के कारण बेहद अनूठा और प्रभावी माना जा रहा है।
अदालती और आधिकारिक मोर्चे पर देखें तो नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत से लेकर विभिन्न जांच एजेंसियां इस वक्त अत्यंत मुस्तैद हैं। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में हुई इस भारी चूक ने देश के शिक्षा तंत्र की साख पर एक गहरा बट्टा लगाया है, जिसके कारण सरकार को आनन-फानन में दोबारा परीक्षा कराने का यह कड़ा फैसला लेना पड़ा। पंजाब सरकार के इस नए आदेश को इसी कानूनी और प्रशासनिक संकट के बीच छात्रों को संबल देने वाले एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, जहां एक तरफ लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता और गहरे मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रहे हैं, वहीं पंजाब सरकार का यह परिवहन सहयोग उनके जख्मों पर एक छोटे लेकिन बेहद जरूरी मरहम की तरह काम करेगा। यह फैसला इस बात का एक बड़ा और अमूल्य उदाहरण है कि कैसे प्रशासनिक संवेदनशीलता के जरिए किसी बड़े राष्ट्रीय संकट के समय आम नागरिकों और खासकर युवा पीढ़ी के मनोबल को टूटने से बचाया जा सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
