पंजाब में 'ऑपरेशन लोटस' नाकाम करने के लिए 1 मई को विश्वास प्रस्ताव लाएगी मान सरकार। बहुमत साबित कर सत्ता को 6 महीने के लिए सुरक्षित करने की तैयारी है। जाने क्या है पूरी रणनीति और पंजाब की सियासत का अगला रुख।

Punjab Assembly Special Session 1 May : पंजाब की सियासत में इस वक्त भारी उथल-पुथल मची हुई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची आंतरिक रार और विपक्षी खेमे की सक्रियता के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा 'सियासी दांव' चलने की तैयारी कर ली है। राज्यसभा सांसदों की कथित बगावत के बाद, अब राज्य की सत्ता पर काबिज 'आप' सरकार अपनी मजबूती साबित करने के लिए विधानसभा के विशेष सत्र का सहारा लेने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने 'ऑपरेशन लोटस' के किसी भी संभावित खतरे को विफल करने के लिए यह रणनीति तैयार की है, जिससे राज्य में संवैधानिक और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

1 मई को विशेष सत्र: श्रमिक दिवस पर 'शक्ति प्रदर्शन' :

पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आगामी 1 मई को बुलाया गया है। आधिकारिक तौर पर यह सत्र 'अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस' के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि इस सत्र का असली उद्देश्य सदन में विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश करना है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, यदि सरकार विधानसभा में एक बार अपना बहुमत साबित कर देती है, तो अगले छह महीनों तक उसके खिलाफ कोई भी अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। भगवंत मान सरकार इसी प्रावधान का लाभ उठाकर अपनी सरकार को अगले आधे साल के लिए पूरी तरह 'सुरक्षित' करने की फिराक में है।

बगावत का डर और विधायकों की घेराबंदी :

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में राज्यसभा सांसदों का पाला बदलना माना जा रहा है। दरअसल, 'आप' के 7 राज्यसभा सांसदों के रुख में आए बदलाव के बाद से ही पंजाब में विधायकों की टूट की अटकलें तेज हो गई थीं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी अब किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के 'ऑपरेशन लोटस' की आहट ने मुख्यमंत्री को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया है।

संवैधानिक ढाल से सियासी चिंता का अंत :

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में विधायकों की एकजुटता पर लग रहे सवालों को खत्म करने के लिए विश्वास प्रस्ताव ही सबसे कारगर हथियार नजर आ रहा है। पार्टी इस प्रस्ताव के जरिए न केवल अपने विधायकों की निष्ठा पर मुहर लगाना चाहती है, बल्कि विपक्ष को भी यह कड़ा संदेश देना चाहती है कि पंजाब में सरकार पूरी तरह स्थिर है। बहुमत साबित होने के बाद भगवंत मान सरकार गिर जाने की आशंकाओं से मुक्त होकर अपने प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर पाएगी।

Updated On 30 April 2026 1:59 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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