महाराष्ट्र के पुणे और पड़ोसी औद्योगिक क्षेत्र पिंपरी-चिंचवड़ में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से बड़ा हादसा सामने आया है। इस जानलेवा घटनाक्रम में अब तक कुल 13 नागरिकों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच के अनुसार, यह त्रासदी स्पिरिट युक्त रासायनिक तत्वों के अत्यधिक मिश्रण से तैयार की गई अवैध शराब के वितरण के कारण हुई है। इस जानलेवा पेय पदार्थ का सेवन करने के कुछ ही समय बाद पीड़ितों की शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे उन्हें चिकित्सा सहायता मिलने से पहले ही दम तोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।

घटनाक्रम के विस्तृत विवरण के मुताबिक, जहरीली शराब का यह जाल पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के कई घनी आबादी वाले और श्रमिक बहुल इलाकों में फैला हुआ था। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले दापोडी और फुगेवाड़ी क्षेत्रों में इस त्रासदी का सबसे गहरा असर देखने को मिला, जहां अकेले इन दो इलाकों में आठ लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही, पुणे शहर के काले पड़ल इलाके में तीन लोगों की और हडपसर क्षेत्र में दो अन्य व्यक्तियों की इस जहरीले काढ़े के प्रभाव के कारण दर्दनाक मौत हो गई। इन सभी पीड़ितों ने संबंधित इलाकों में सक्रिय स्थानीय अवैध ठिकानों से इस मिलावटी शराब को खरीदा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शराब का सेवन करने के कुछ ही मिनटों बाद प्रभावित लोगों को गंभीर बेचैनी, पेट में तेज दर्द और धुंधला दिखने जैसी शिकायतें होने लगी थीं। देखते ही देखते स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पीड़ितों के मुंह से गाढ़ा झाग निकलने लगा। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने आनन-फानन में पीड़ितों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रासायनिक जहर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अधिकांश लोगों ने अस्पताल की चौखट तक पहुंचने या उचित प्राथमिक उपचार शुरू होने से ठीक पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।

पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा की गई त्वरित जांच में इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक मुख्य सरगना का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस अत्यधिक जहरीली और घातक स्पिरिट युक्त शराब का निर्माण योगेश वानखेडे नाम के एक शातिर अवैध शराब तस्कर द्वारा किया गया था। आरोपी योगेश वानखेडे लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर इन क्षेत्रों में मिलावटी शराब की आपूर्ति का अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड से यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में भी अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी से जुड़े कई गंभीर आपराधिक मामले विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हैं।

इस भीषण मानवीय क्षति के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर सघन छापेमारी की कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी योगेश वानखेडे को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके अवैध कारखाने और वितरण केंद्रों से भारी मात्रा में संदिग्ध रसायनों और स्पिरिट के स्टॉक को भी जब्त किया है, जिसे फॉरेंसिक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र दारूबंदी कानून की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों के हाशिए पर रह रहे परिवारों की सुरक्षा और अवैध नशे के तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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