Hamza Burhan killed in PoK : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से भारत के दुश्मनों और खूंखार आतंकी नेटवर्क के लिए एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भारत को दहलाने वाले जख्मों के पीछे जिम्मेदार और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहे मोस्ट वांटेड आतंकियों के रहस्यमयी सफाए का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में, 14 फरवरी 2019 को हुए देश के सबसे भीषण 'पुलवामा आत्मघाती हमले' की साजिश से जुड़े बताए जा रहे प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'अल बद्र' के शीर्ष कमांडर हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर की अज्ञात बंदूकधारियों ने पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी है। खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने मुजफ्फराबाद की एक बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली सड़क पर हमजा बुरहान को अपना निशाना बनाया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी, जिससे इस खूंखार आतंकी की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद पाकिस्तान के आतंकी आकाओं और उनके महफूज ठिकानों में भारी दहशत और हड़कंप का माहौल व्याप्त हो गया है।

इस सनसनीखेज वारदात के शिकार हुए आतंकी हमजा बुरहान का असली चेहरा और उसका काला इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। आतंकी संगठन अल बद्र के इस खूंखार कमांडर का वास्तविक नाम अर्जुमंद गुलजार डार था, जो भारतीय सुरक्षा तंत्र और घाटी के युवाओं को बरगलाने के लिए 'हमजा बुरहान' और 'डॉक्टर' जैसे छद्म नामों का इस्तेमाल करता था। साल 2015 से ही भारत से फरार होकर पाकिस्तान में पनाह लेने वाला यह आतंकी वहां बैठकर न केवल सीमा पार से नए लड़कों की आतंकी नेटवर्क में भर्ती (रिक्रूटमेंट) करता था, बल्कि हथियारों की सप्लाई और कश्मीर में टेरर फंडिंग का मुख्य सिंडिकेट भी चला रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान साल 2019 के उस काले पुलवामा आत्मघाती हमले की साजिश का एक अहम हिस्सा था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे और जिसके जवाब में भारत ने ऐतिहासिक 'बालाकोट एयरस्ट्राइक' कर आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद किया था। इसके अलावा, वह साल 2020 में पुलवामा में ही सीआरपीएफ के जवानों पर हुए एक अन्य घातक ग्रेनेड हमले का भी मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड था, जिसके बाद से भारतीय सुरक्षा बल उसकी सरगर्मी से तलाश कर रहे थे।

इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला और हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि यह खूंखार वैश्विक आतंकी पाकिस्तान की सरपरस्ती में अपनी पहचान छिपाकर मुजफ्फराबाद के एक प्रतिष्ठित संस्थान, 'अब्बास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' में बकायदा 'प्रिंसिपल' के पद पर तैनात था और सफेदपोश जिंदगी जी रहा था। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद मुजफ्फराबाद और उसके आस-पास के पूरे इलाके की सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाते हुए भारी संख्या में सेना और स्थानीय पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। हालांकि, कड़े पहरे और भारी सुरक्षा घेरे के बावजूद इस दुस्साहसिक हमले को अंजाम देने वाले शूटरों की पहचान और उनके पीछे काम कर रहे मास्टरमाइंड को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक या स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पाकिस्तान में पिछले कुछ सालों के भीतर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े दर्जनों शीर्ष कमांडरों की अज्ञात हमलावरों द्वारा की जा रही कतारबद्ध हत्याओं और रहस्यमयी गैंगवार की घटनाओं ने पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

यदि इस घटना के कानूनी और आधिकारिक पहलुओं पर नजर डालें, तो अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान की आपराधिक और आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2022 में एक बड़ा कदम उठाया था। भारत सरकार ने कड़े और गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत उसे आधिकारिक तौर पर एक 'नामित व्यक्तिगत आतंकवादी' (Designated Terrorist) घोषित किया था। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डोजियर में उसका नाम मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शीर्ष पर शामिल था। मुजफ्फराबाद में हुई उसकी यह मौत इस बात का एक और अकाट्य प्रमाण है कि भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वाले गुनहगारों का अंजाम कितना खौफनाक और तय है। यह घटना इस लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद को लेकर घिरने वाले पाकिस्तान के भीतर ही अब उसके पाले हुए सांप एक-एक कर बेमौत मारे जा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर यह संदेश और अधिक मजबूत होता है कि मानवता के दुश्मनों का अंत अंततः इसी प्रकार विनाशकारी और निश्चित होता है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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