प्रकृति संरक्षण और द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्र में ऐतिहासिक क्षण तब आया जब बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत भारत को आठ चीते सौंपे। यह कार्यक्रम बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन में आयोजित हुआ, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने बोत्सवाना के मोकोलोडी नेचर रिजर्व में घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाने की प्रक्रिया के साक्षी बने।

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह क्षण भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक नए अध्याय का प्रतीक है। उन्होंने बोत्सवाना में सक्रिय भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में दस हजार भारतीय नागरिक व्यापार और उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अवसर को विशेष ऐतिहासिक बताया क्योंकि भारत और बोत्सवाना 2026 में अपने राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों का सहयोग डायमंड सेक्टर के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, रक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे नए क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने देश की युवा शक्ति, आर्थिक मजबूती और नवाचार की क्षमता की ओर ध्यान दिलाया और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की महत्वाकांक्षा का जिक्र किया। उन्होंने ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहल देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही हैं।

बोत्सवाना द्वारा भारत को दिए गए ये आठ चीते न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों और जैव विविधता संरक्षण में नई संभावनाओं को भी उजागर करते हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच पर्यावरणीय सहयोग और सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करने का प्रतीक बन गया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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