भारत की संप्रभुता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले देश के जांबाज सैनिकों और पुलिसकर्मियों के अप्रतिम साहस को राष्ट्र की ओर से सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है। राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित गरिमामयी 'रक्षा अलंकरण समारोह-I' में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों को उनकी असाधारण बहादुरी, रणनीतिक सूझबूझ और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीर चक्र तथा शौर्य चक्र से अलंकृत किया। यह समारोह उन जांबाजों की वीरता को समर्पित था जिन्होंने संकट के क्षणों में देश की सीमाओं और नागरिकों की रक्षा के लिए सर्वोच्च स्तर का शौर्य प्रदर्शित किया।

इस विशिष्ट राष्ट्रीय समारोह की शुरुआत सैन्य परंपराओं के अनुरूप गरिमापूर्ण तरीके से राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान की गूंज के साथ हुई। कार्यक्रम में देश के नीति-नियंताओं सहित शीर्ष सैन्य नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर सैन्य कर्मियों को उनके विशिष्ट अभियानों में प्रदर्शित असाधारण नेतृत्व क्षमता और व्यक्तिगत वीरता के संस्मरणों को पढ़कर सुनाया गया, जिसने वहां उपस्थित समस्त जनसमूह को राष्ट्र-गौरव के भाव से ओतप्रोत कर दिया।

समारोह के दौरान वायुसेना की परिचालन ड्यूटी के दौरान अप्रतिम सूझबूझ और विशिष्ट वीरता प्रदर्शित करने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट (वर्तमान में स्क्वाड्रन लीडर) आर्शवीर सिंह ठाकुर को राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया। इसी तरह, नौसेना की साहसिक और ऐतिहासिक 'सागर परिक्रमा II' अभियान के दौरान समुद्र की दुर्गम और चुनौतीपूर्ण लहरों के बीच असाधारण नौसैनिक कौशल, दृढ़ संकल्प और सहनशक्ति का परिचय देने वाली महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और रूपा ए. को 'शौर्य चक्र' प्रदान किया गया। इन दोनों महिला अधिकारियों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय सैन्य इतिहास में महिला सशक्तीकरण और अदम्य साहस का एक नया अध्याय लिखती है।

थल सेना के अभियानों में प्रदर्शित शौर्य का विशेष उल्लेख करते हुए भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट की १९वीं बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को शौर्य चक्र प्रदान किया गया। उन्होंने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समीप एक अत्यंत संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान अपनी रणनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया था। इसी प्रकार, अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम सीमावर्ती इलाकों में चलाए गए एक जटिल सैन्य ऑपरेशन के दौरान अद्वितीय पराक्रम दिखाने के लिए मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र से नवाजा गया। इसके साथ ही, आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में नक्सल-विरोधी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी उनकी अद्वितीय वीरता के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

समारोह के उत्तरार्ध में, देश की सीमाओं पर तैनात और विशिष्ट सेवा देने वाले अन्य कई जांबाजों को भी पदक सौंपे गए। असाधारण बहादुरी और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए नायब सूबेदार सतीश कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को वीर चक्र की श्रेणियों से विभूषित किया गया। इसके अतिरिक्त, मातृभूमि की रक्षा में अपनी जान की परवाह न करने वाले राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता, नायक राहुल सिंह और मेजर शिवंत यादव को भी राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र प्राप्त हुआ।

यह अलंकरण समारोह देश की रक्षा प्रणाली के विधिक और संवैधानिक प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया जाता है, जो यह स्पष्ट करता है कि राज्य अपनी सीमाओं की रक्षा करने वाले वीरों के बलिदान और शौर्य को सर्वोच्च सम्मान देता है। इस भव्य आयोजन का समापन उपस्थित जनसमूह के बीच राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा के संकल्प के साथ हुआ। यह समारोह संपूर्ण देश को यह विश्वास दिलाता है कि जब तक देश के पास ऐसे समर्पित और पराक्रमी जांबाज प्रहरी मौजूद हैं, तब तक भारत की सीमाएं और संप्रभुता पूरी तरह से अक्षुण्ण और सुरक्षित हैं। वीरों का यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story