प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने; जानें शुरुआती जांच में क्या हुआ बड़ा खुलासा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने से प्रतीक यादव को कार्डिएक अरेस्ट आया, जिससे उनका निधन हो गया।

समाजवादी पार्टी के पूर्व संरक्षक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव, जिनकी हाल ही में हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई थी।
Prateek Yadav post mortem report details : उत्तर प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित राजनीतिक कुनबे से जुड़ी एक दुखद और चौंकाने वाली खबर ने प्रदेश के गलियारों में सन्नाटा पसरा दिया है। भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति, तथा समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। अब उनकी आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे के मेडिकल कारणों की परतें दर परत खोल दी हैं। रिपोर्ट के चौंकाने वाले निष्कर्ष बताते हैं कि यह महज एक सामान्य दिल का दौरा नहीं था, बल्कि शरीर के भीतर पैदा हुई एक गंभीर मेडिकल स्थिति थी जिसने फेफड़ों और हृदय को पंगु बना दिया।
चिकित्सकों द्वारा तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव की मृत्यु का प्राथमिक कारण 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' जैसी स्थिति की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि उनके शरीर के निचले हिस्से में रक्त का एक थक्का (Clot) जमा हुआ था, जो संचार प्रणाली के माध्यम से शरीर के ऊपरी हिस्से की ओर प्रवाहित हो गया। यह थक्का अंततः फेफड़ों की नसों में जाकर फंस गया, जिससे फेफड़ों में संक्रमण फैल गया और श्वसन प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई। इसी अवरोध के परिणामस्वरूप उन्हें तीव्र 'कार्डिएक अरेस्ट' आया, जो उनके प्राण पखेरू उड़ने का तात्कालिक कारण बना।
मेडिकल विशेषज्ञों ने रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया है कि फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने से हृदय और फेफड़ों के बीच का रक्त संचार अचानक रुक गया, जिससे अंगों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो गया। जांच को और अधिक पुख्ता करने के लिए डॉक्टरों ने हृदय और फेफड़ों के कुछ ऊतकों के नमूनों को सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही, विसरा को भी रासायनिक परीक्षण के लिए संरक्षित कर पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी दर्ज है कि प्रतीक यादव के शरीर पर जो भी चोट के निशान पाए गए, वे मृत्यु से पहले के थे, जो किसी भी प्रकार की आकस्मिक चोट या संघर्ष की स्थिति का संकेत हो सकते हैं।
इस वैज्ञानिक खुलासे के बाद अब सभी की नजरें विसरा रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो मौत की अंतिम गुत्थी को पूरी तरह स्पष्ट करेगी। प्रतीक यादव, जो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई थे, का जाना न केवल यादव परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि इस रिपोर्ट ने स्वास्थ्य के प्रति उन छिपे हुए खतरों को भी उजागर किया है जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। प्रशासनिक और कानूनी तौर पर पुलिस अब विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही को अंतिम रूप देगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
