उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने न केवल उनके परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि अब इस मामले में अस्पताल की रिपोर्ट ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ दे दिया है। लखनऊ के सिविल अस्पताल, जहाँ उन्हें गंभीर स्थिति में लाया गया था, ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उनकी मृत्यु को 'संदिग्ध' करार दिया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस बयान में प्रतीक यादव को जहर दिए जाने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसके बाद से लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

घटनाक्रम के अनुसार, प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ने की पहली सूचना उनके निजी ड्राइवर ने सिविल अस्पताल प्रशासन को दी थी। सूचना मिलते ही डॉक्टरों की एक टीम तत्काल उनके निवास स्थान पर पहुंची, लेकिन प्रारंभिक जांच में ही डॉक्टरों ने पाया कि उनके शरीर में कोई प्राण शेष नहीं थे। अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव के शरीर पर किसी भी तरह की कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने औपचारिक रूप से उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल लाने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया।

सिविल अस्पताल के निदेशक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजेएमसी) भेजने का निर्णय लिया। निदेशक के अनुसार, प्रारंभिक चिकित्सकीय अवलोकन में यह 'सस्पेक्टेड पॉइजनिंग' यानी संदिग्ध विषाक्तता का मामला प्रतीत हो रहा है। यही कारण है कि अस्पताल प्रशासन ने शव को अपने संरक्षण में लेकर उच्च स्तरीय फॉरेंसिक जांच की सिफारिश की है। इस खुलासे के बाद कि प्रतीक की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले घर पर ही हो गई थी, अब उन परिस्थितियों पर सवाल उठ रहे हैं जिनमें उनकी तबीयत खराब हुई।

इस दुखद घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों, विशेषकर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें केजेएमसी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मौत के पीछे की असली सच्चाई को उजागर करेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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