पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले दो महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा और कैजुअल्टी की खबरें सामने आ रही हैं। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पिछले तीन दिनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में लगभग 40 लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

JAAC के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुरक्षाकर्मियों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाईं और इस दौरान मिलिट्री-ग्रेड हथियारों का उपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उन हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनका आमतौर पर नियंत्रण रेखा (Line of Control) पर या भारत के खिलाफ उपयोग किया जाता है। इस हिंसा के दौरान उमर नजीर कश्मीरी के सगे भाई की भी गोली लगने से मौत हो गई है।

हालिया हिंसक घटनाओं और मौतों के बाद, प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद की ओर जाने वाले अपने लॉन्ग मार्च को फिलहाल रोक दिया है। आयोजकों का कहना है कि यह निर्णय गोलीबारी में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार और दफनाने की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए लिया गया है। हालांकि, नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन और रैलियां फिर से शुरू की जाएंगी।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे और लाखों लोगों ने मुजफ्फराबाद की सीमा पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया था, लेकिन सुरक्षा बलों की कार्रवाई से स्थिति बिगड़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 52 से 53 दिनों के दौरान इस क्षेत्र में हुई कुल हिंसक घटनाओं में मरने वालों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच इलाके में इंटरनेट सेवाओं को भी बाधित कर दिया गया है। इसके बावजूद विभिन्न माध्यमों से आंतरिक हालात की खबरें बाहर आ रही हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी पुष्टि की गई है। इस गंभीर संकट को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थिति का संज्ञान लेने की अपील की जा रही है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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