तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री के बेटे पर POCSO केस दर्ज; यौन उत्पीड़न के संगीन आरोपों से मचा हड़कंप
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे भगीरथ पर हैदराबाद में पॉक्सो केस दर्ज। यौन उत्पीड़न के आरोपों और 5 करोड़ की रंगदारी के दावों के बीच पुलिस जांच जारी।

हैदराबाद में पॉक्सो मामले के बीच (बाएं से दाएं) आरोपी भगीरथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार।
POCSO case against Bandi Sanjay son Bhagheerath : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। हैदराबाद की पेटबशीरबाद पुलिस ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे, भगीरथ के खिलाफ यौन उत्पीड़न और गंभीर मारपीट के आरोपों में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला एक युवती की माँ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया है, जिसमें भगीरथ पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और जबरन शराब पिलाने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी रविवार के हैदराबाद दौरे से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।
घटना के विवरण के अनुसार, पीड़िता के परिवार का आरोप है कि भगीरथ ने न केवल युवती का उत्पीड़न किया, बल्कि उसे डराया-धमकाया भी गया। दूसरी ओर, यह मामला तब और पेचीदा हो गया जब भगीरथ ने भी जवाबी कानूनी कार्रवाई करते हुए करीमनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। भगीरथ का दावा है कि कोम्पल्ली के रहने वाले इस परिवार ने उन्हें साजिश के तहत फंसाया है। भगीरथ के अनुसार, उन्हें विभिन्न आयोजनों में बुलाकर पहले करीब 50,000 रुपये लिए गए और जब उन्होंने शादी से इनकार कर दिया, तो उनसे 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की गई। भगीरथ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया है।
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के कार्यालय ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह विरोधी दलों द्वारा आगामी चुनावों और प्रधानमंत्री के दौरे से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए बुना गया एक 'हनी-ट्रैप' है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है और नैतिक आधार पर केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे या उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग शुरू कर दी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंत्री का पद पर बने रहना उचित नहीं है।
फिलहाल, हैदराबाद पुलिस दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पीड़िता के बयानों और भगीरथ द्वारा दिए गए जबरन वसूली के दावों की सत्यता की जांच के लिए डिजिटल साक्ष्य और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रहे हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राज्य का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। यह मामला न केवल एक रसूखदार परिवार के बेटे के भविष्य को तय करेगा, बल्कि इसका प्रभाव आगामी राजनीतिक परिदृश्य और सार्वजनिक छवि पर भी पड़ना तय है। कानून के दो अलग-अलग पहलुओं—यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण और ब्लैकमेलिंग—के बीच झूलता यह मामला अब पूरी तरह से पुलिसिया तफ्तीश के केंद्र में है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
