सपनों को मिलेगी नई उड़ान! नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का महिलाओं के नाम बड़ा संदेश
विकसित भारत के संकल्प के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अनिवार्य, 16 अप्रैल को संसद सत्र में होगा आरक्षण पर मंथन।

नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाएं उपस्थित रहीं.
नई दिल्ली: भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं शिरकत कर देश की नारी शक्ति के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के कार्यान्वयन को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। विज्ञान भवन का वातावरण आज उस समय ऊर्जा से भर गया जब देश के कोने-कोने से आई विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया बल्कि 'विकसित भारत' के निर्माण में उनके योगदान पर एक व्यापक विमर्श की नींव भी रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करने से पहले सोशल मीडिया के माध्यम से इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और समाज सेवा से जुड़ी महिलाओं को एक साथ लाने का एक अनूठा प्रयास है। प्रधानमंत्री के अनुसार, विकसित भारत के लक्ष्य को तब तक प्राप्त नहीं किया जा सकता जब तक कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में समान अवसर न मिले। विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति ने भी इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और इसे राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य शर्त बताया।
इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी और विधायी पक्ष 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्मरण कराया कि सितंबर 2023 में संसद ने इस ऐतिहासिक अधिनियम को पारित किया था, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब सरकार इस अधिनियम के व्यावहारिक कार्यान्वयन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देशभर में इस आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र आहूत किया गया है, जो नारी शक्ति के राजनीतिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।
सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि सरकार की कार्यनीति का मूल आधार है। उन्होंने खेल के मैदान से लेकर विज्ञान की प्रयोगशालाओं तक भारतीय महिलाओं द्वारा फहराए जा रहे परचम की सराहना की। इस कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न प्रख्यात हस्तियों ने भी प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन किया। यह सम्मेलन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि आने वाला दशक भारत की बेटियों का होगा और उनकी सक्रिय भागीदारी ही भारत को वैश्विक पटल पर एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगी। संसद के आगामी सत्र की तैयारियों के बीच, इस सम्मेलन ने देशभर की महिलाओं में एक नई उम्मीद और राजनीतिक जागरूकता का संचार किया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
