रोम में प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की 'कार डिप्लोमेसी' जो गवाह बनी भारत-इटली की अटूट दोस्ती की|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने रोम में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर और रणनीतिक सहयोग की रूपरेखा तय की।

रोम में द्विपक्षीय बैठक के दौरान (बाएं से दाएं) भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी|
रोम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की राजकीय यात्रा के अंतिम पड़ाव पर इटली की राजधानी रोम पहुंच चुके हैं, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने न केवल प्रोटोकॉल से परे जाकर भारतीय प्रधानमंत्री की अगवानी की, बल्कि दोनों वैश्विक नेताओं के बीच की गहरी केमिस्ट्री एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बन गई है। रोम आगमन के तुरंत बाद दोनों नेताओं के बीच 'कार डिप्लोमेसी' देखने को मिली, जिसने दोनों देशों के कूटनीतिक हलकों में एक नई ऊर्जा फूंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी रोम में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के बाद एक ही कार में सवार होकर रवाना हुए, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों का सीधा संकेत है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी इस तरह की कार डिप्लोमेसी साझा कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात की विशेष तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की हैं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि रोम में प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का यह एक शानदार अवसर था, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया और वैश्विक महत्व के कई गंभीर विषयों पर अपने विचार साझा किए। भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत-इटली की दोस्ती को और अधिक मजबूत बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संकेत दिया कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में कई बड़े दूरगामी समझौते होने की उम्मीद है। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी के साथ एक आत्मीय सेल्फी साझा करते हुए लिखा कि 'मेरे दोस्त, रोम में आपका स्वागत है।' यह गर्मजोशी जून 2024 में इटली में आयोजित हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखी आपसी समझ का ही अगला विस्तार मानी जा रही है।
इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरे का एक मुख्य फोकस भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को गति देना और भूमध्य सागर व इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बीच रणनीतिक जुड़ाव को सुदृढ़ करना है। प्रधानमंत्री मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी ने एक संयुक्त लेख के माध्यम से इस उभरते हुए इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच व्यापार, आधुनिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक विस्तृत और ठोस रूपरेखा प्रस्तुत की है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने संयुक्त वक्तव्य में स्पष्ट किया कि भूमध्य सागर और इंडो-पैसिफिक को अब वैश्विक परिदृश्य में अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता है। यह नया गलियारा हिंद महासागर को सीधे यूरोप से जोड़ने का काम करेगा, जिससे डेटा, विचारों, ऊर्जा और व्यापार का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित होगा।
डिजिटल युग की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। संयुक्त लेख में साझा किया गया कि तकनीक कभी भी मानवीय संवेदनाओं का स्थान नहीं ले सकती और इसका उपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अवांछित बदलाव करने या सार्वजनिक बहसों को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए कतई नहीं होना चाहिए। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा। रोम में हो रही यह उच्चस्तरीय वार्ता भारत और इटली के सौहार्दपूर्ण संबंधों को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में तब्दील करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
