पीएम मोदी के इटली दौरे में जियोर्जिया मेलोनी को मिले एक खास भारतीय तोहफे ने इंटरनेट से लेकर शेयर बाजार तक तहलका मचा दिया है। जहाँ एक तरफ 'मेलोडी' कूटनीति वायरल हो रही है, वहीं विपक्ष के तीखे हमलों ने इस दौरे को पूरी तरह विवादास्पद बना दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इटली दौरे के दौरान राजधानी रोम पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहाँ की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात एक बार फिर सोशल मीडिया से लेकर शेयर बाजार और राजनीतिक गलियारों तक में एक बड़े घटनाक्रम में तब्दील हो गई है। पीएम मोदी और इतालवी पीएम मेलोनी की बॉन्डिंग हमेशा से ही सोशल मीडिया पर भारतीय यूज़र्स के बीच भारी आकर्षण और मनोरंजन का केंद्र रही है। वर्तमान में गूगल पर हैशटैग मेलोडी (#melodi), मेलोनी और सबसे बढ़कर 'पारले शेयर प्राइस' (Parle share price) को बड़े पैमाने पर सर्च किया जा रहा है।

मेलोडी का पुराना कनेक्शन और वायरल वीडियो

पिछले वर्ष दोनों नेताओं के नामों को आपस में जोड़कर बनाया गया हैशटैग 'मेलोडी' (#melodi) इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ था। उस दौरान सोशल मीडिया यूज़र्स ने अलग-अलग एआई (AI) वीडियो बनाकर और पृष्ठभूमि में बॉलीवुड के गाने लगाकर इस हैशटैग को एक बड़े ट्रेंड में बदल दिया था। इस डिजिटल ट्रेंड का संज्ञान खुद दोनों वैश्विक नेताओं ने भी लिया था और दोनों ने अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में '#melodi' लिखा था, जिसने इंटरनेट पर पीएम मोदी और पीएम मेलोनी के बीच के गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रदर्शित किया था।

अपनी इस ताजा इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम मेलोनी के लिए एक बेहद खास और अनूठा तोहफा पेश किया। यह तोहफा भारत की प्रसिद्ध 'पारले मेलोडी चॉकलेट्स का एक पैकेट' था। इस भारतीय कन्फेक्शनरी ब्रांड के पैकेट को देखते ही पीएम मेलोनी अपनी हंसी नहीं रोक पाईं और उनके साथ पीएम मोदी भी हंस पड़े। इस हल्के-फुल्के क्षण का एक वीडियो जब इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया, तो यह देखते ही देखते पूरे सोशल मीडिया पर फैल गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर हैशटैग मेलोडी शीर्ष ट्रेंड्स में आ गया।

डिजिटल हलचल से लेकर संसद और विपक्ष के तीखे तंज

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह की टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। जहाँ एक तरफ इंटरनेट यूज़र्स का एक बड़ा वर्ग इस बॉन्डिंग की सराहना करते हुए दोनों को 'पावर कपल' जैसे शब्दों से संबोधित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आलोचकों का एक वर्ग इसे 'पैसों की बर्बादी' और 'सेंसलेस' करार दे रहा है।

जनता के एक धड़े का यह भी मानना है कि जब कुछ ही दिनों पहले खुद प्रधानमंत्री ने ही सभी मोर्चों पर प्रतिबंध लगाने, पेट्रोल-डीजल की खरीद पर रोक लगाने, विदेश यात्रा पर नियंत्रण लगाने और सोना खरीदने से भी मना किया था, तो ऐसी स्थिति में वे खुद एक के बाद एक देशों के दौरों पर क्यों घूम रहे हैं? इसके अतिरिक्त, कूटनीतिक हलकों में इस बात को लेकर भी बहस छिड़ गई है कि यह कैसी वैश्विक डिप्लोमेसी है जिसमें एक देश का प्रधानमंत्री दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को मात्र 50 रुपये की चॉकलेट का पैकेट देकर खुश कर रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम पर घरेलू राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। विपक्षी दल के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के इस इटली दौरे को 'हजारों करोड़ रुपयों की सरासर बर्बादी' करार दिया है। विपक्ष के इन हमलों और सोशल मीडिया पर जारी तीखी बहस के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह इटली दौरा बेहद कूटनीतिक होने के साथ-साथ अत्यंत नाट्यमय और विवादास्पद साबित हो रहा है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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