भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज 'ऑपरेशन सिंदूर' को आज एक वर्ष पूरा हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्र के प्रति सेना की अटूट प्रतिबद्धता को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल की डिस्प्ले पिक्चर (DP) बदलकर उसे ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह से अपडेट किया है। यह न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत की शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति का एक सशक्त उद्घोष भी है।

आज से ठीक एक साल पहले, भारत ने सीमा पार मौजूद आतंक के सुरक्षित पनाहगाहों को नेस्तनाबूद करने के लिए एक अत्यंत साहसिक और रणनीतिक अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इस अभियान की नींव पहलगाम में हुए उस कायरतापूर्ण आतंकी हमले से पड़ी थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। देश के भीतर बढ़ते आक्रोश और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडराते खतरे को देखते हुए, सरकार और सैन्य नेतृत्व ने एक निर्णायक प्रहार करने का संकल्प लिया। 6 और 7 मई की मध्यरात्रि को भारतीय जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकी ठिकानों पर प्रहार किया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में उल्लेख किया कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व हमारे सशस्त्र बलों ने जिस अद्वितीय सटीकता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, उसने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि अब निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस ऑपरेशन में सेना ने आतंकवादियों के नौ बड़े कैंपों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था और भारी संख्या में आतंकियों को ढेर किया था। प्रधानमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ राजनेताओं ने भी अपनी डीपी बदलकर सेना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है, जो अगले तीन दिनों तक लगी रहेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर सेना की सराहना करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया वैश्विक मानक स्थापित किया है। उन्होंने सेना के तीनों अंगों के बीच देखे गए बेहतरीन तालमेल और समन्वय को राष्ट्रीय शक्ति का आधार बताया। रक्षा मंत्री ने एक वीडियो साझा करते हुए अपनी उस कड़ी चेतावनी को दोहराया कि आतंकवादियों के आकाओं के लिए अब सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी। यह अभियान भारत की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती 'आत्मनिर्भरता' का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां स्वदेशी तकनीक और सामरिक कौशल के मेल ने दुश्मन को उसके घर में ही पराजित किया।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ न केवल पुरानी विजय की स्मृति है, बल्कि यह भविष्य के प्रति एक नया संकल्प भी है। समापन के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत आतंकवाद को जड़ से मिटाने और उसके समर्थक तंत्र को पूरी तरह नष्ट करने के अपने संकल्प पर आज भी उतना ही दृढ़ है जितना एक साल पहले था। यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जिसने भारतीय सीमाओं की रक्षा के प्रति जनमानस में एक नया विश्वास जगाया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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