नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चार दिवसीय सेंट्रल एशिया यात्रा के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह उज्बेकिस्तान में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत के दोनों देशों के साथ संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिवसीय द्विपक्षीय यात्रा के लिए ताशकंद पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के अनुसार, यह प्रधानमंत्री मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों की यात्रा की थी। इसके बाद वह 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए उज्बेकिस्तान गए थे।

अपने दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ताशकंद में राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी। इन वार्ताओं का उद्देश्य भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दोस्ती तथा सहयोग को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम में ताशकंद स्थित शास्त्री मेमोरियल और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर के दौरे का भी उल्लेख किया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता इन क्षेत्रों में आगे की दिशा और सहयोग के एजेंडे पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा, दोनों पक्ष ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने से जुड़े विचारों पर भी चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने प्रधानमंत्री की यात्रा को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा दोनों देशों के बीच करीबी, व्यापक और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।

उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे। यहां वह SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर आयोजित शिखर सम्मेलन की थीम ‘एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर’ रखी गई है।

बिश्केक में होने वाले SCO लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन मुख्य शिखर बैठक शामिल है। मुख्य बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना संबोधन देंगे। इसके अलावा, बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री की कई द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होने की भी योजना है।

प्रधानमंत्री की चार दिवसीय यात्रा में उज्बेकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सहयोग और SCO के माध्यम से बहुपक्षीय संवाद, दोनों प्रमुख स्तरों पर शामिल हैं। ताशकंद में भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, जबकि बिश्केक में प्रधानमंत्री SCO के सदस्य देशों के नेताओं के साथ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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