गांधी मैदान में 31 मंत्रियों ने ली पद की शपथ; जानें अब तक की पूरी अपडेट
बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण। निशांत कुमार बने मंत्री, जानें नए मंत्रियों की पूरी लिस्ट।

पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार के साथ नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री।
Bihar Cabinet Expansion 2026 : बिहार की राजनीति ने आज इतिहास के एक नए पन्ने पर अपनी इबारत लिखी है, जहाँ पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान केवल शपथ ग्रहण का गवाह नहीं बना, बल्कि एनडीए की एकजुटता और भविष्य की राजनीति के शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट के बहुप्रतीक्षित विस्तार ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों की उपस्थिति में सत्ता के गलियारों में सबसे बड़े उत्तराधिकारी माने जाने वाले निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। यह केवल एक कैबिनेट विस्तार नहीं था, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में एक व्यापक बदलाव का संकेत था, जिसने विपक्ष के खेमे में हलचल पैदा कर दी है।
समारोह का आरंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार की सबसे बड़ी विशेषता इसका जातीय और क्षेत्रीय संतुलन रहा, जहाँ भाजपा के 14, जेडीयू के 13, चिराग पासवान की एलजेपी (आर) के 2, और हम (HAM) व आरएलएम (RLM) के 1-1 मंत्रियों ने शपथ ली। कुल 31 मंत्रियों के इस कुनबे में अनुभव और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का कैबिनेट में शामिल होना इस पूरे आयोजन का सबसे चर्चित अध्याय रहा। शपथ लेने से पूर्व निशांत ने अपने पिता का आशीर्वाद लिया, जो बिहार की राजनीति में एक नए युग की आहट के रूप में देखा जा रहा है। श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा और दिलीप जायसवाल जैसे अनुभवी नामों के साथ निशांत कुमार ने जब शपथ ली, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्रशासनिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह आयोजन अभूतपूर्व था। प्रधानमंत्री के रोड शो और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए पटना को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। लगभग 4,000 पुलिसकर्मियों और डॉग स्क्वाड की तैनाती के साथ आसमान से लेकर जमीन तक कड़ी निगरानी रखी गई। आधिकारिक तौर पर यह विस्तार संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप बिहार के विकास के संकल्प को दोहराने के लिए किया गया था। जहाँ एक ओर सत्ता पक्ष इसे 'विकसित बिहार' की नींव बता रहा था, वहीं विपक्षी दल आरजेडी ने इस आयोजन को 'वंशवाद का उत्सव' करार देते हुए तीखा हमला बोला। रोहिणी आचार्य ने निशांत कुमार की 'बैकडोर एंट्री' पर तंज कसते हुए इसे नैतिकता का पतन बताया।
#LIVE : बिहार की धरती पटना से विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय का शुभारंभ…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 7, 2026
देश के यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित मंत्रिमंडल विस्तार समारोह!#NDA4Bihar https://t.co/uuMQR7iSn1
इस ऐतिहासिक दिन का समापन राज्यपाल द्वारा समारोह के औपचारिक समापन की अनुमति के साथ हुआ। यह विस्तार न केवल सम्राट चौधरी की सरकार को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एनडीए के सामाजिक समीकरणों को भी पुख्ता करता है। मंगल पांडे जैसे कद्दावर नेताओं का पत्ता कटना और 5 नए चेहरों को जगह मिलना यह दर्शाता है कि भाजपा और जेडीयू अब नए नेतृत्व और प्रदर्शन आधारित राजनीति की ओर बढ़ रहे हैं। पटना की सड़कों पर लगे केसरिया पोस्टर और प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार अब दिल्ली की राजनीति के केंद्र में है और आने वाले पांच साल राज्य की दिशा और दशा बदलने वाले साबित होंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
