नई दिल्ली: देश के एक बड़े हिस्से में जारी भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। देश के विभिन्न राज्यों में पारे के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों तक अपनी बात पहुंचाई है। उन्होंने जनता से इस मौसम में अत्यधिक सावधानी बरतने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की पुरजोर अपील की है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस मौसम में सतर्कता और परस्पर संवेदनशीलता ही आम जनजीवन को इस प्राकृतिक प्रकोप से सुरक्षित रख सकती है।

प्रधानमंत्री ने सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए नागरिकों को दैनिक जीवन में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि जब भी वे घर से बाहर निकलें, अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। सामाजिक सरोकार की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस कठिन मौसम में इंसानी संवेदनशीलता एक बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। प्रधानमंत्री ने सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के किसी भी प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाने का प्रयास करें। इसके साथ ही उन्होंने उन लोगों की विशेष सराहना की जो अपनी दुकानों और घरों के बाहर राहगीरों के लिए मटके या शीतल जल की व्यवस्था करते हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा के व्यावहारिक सुझाव देते हुए प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी से उत्पन्न होने वाले शारीरिक लक्षणों के प्रति आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चक्कर आना, मतली, अत्यधिक थकान या कमजोरी महसूस होने जैसे लक्षणों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि आसपास कोई व्यक्ति अस्वस्थ या बेहोश दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को ओआरएस का घोल, पानी अथवा अन्य तरल पदार्थ देना चाहिए ताकि उसके शरीर का तापमान नियंत्रित हो सके। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि समय पर ध्यान न देने से यह लापरवाही सीधे हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा स्थिति का रूप ले सकती है।

इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले वर्गों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बच्चों, बुजुर्गों और चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने वाले लोगों की विशेष देखभाल पर बल दिया। उन्होंने पारिवारिक मूल्यों को जोड़ते हुए देशवासियों से कहा कि वे समय-समय पर अपने माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी को फोन कर उनका हालचाल अवश्य जानें। बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंसानों के साथ-साथ मूक पशु-पक्षियों के प्रति भी दयाभाव रखने का आह्वान किया और लोगों से अपनी छतों, बालकनी या दुकानों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखने की अपील की, ताकि प्यासे परिंदों को जीवनदान मिल सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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