वैश्विक हाजिर बाजार के कड़े नियंत्रण और जीएसटी प्रणाली के प्रभाव से मुंबई, दिल्ली और चेन्नई समेत देश के विभिन्न केंद्रों में दरें एक समान बनी हुई हैं।

platinum rate today in major cities : भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक बेहद असाधारण और ऐतिहासिक घटनाक्रम देखने को मिला है, जिसने देश भर के आभूषण निर्माताओं, निवेशकों और बाजार विश्लेषकों को गहरी चर्चा में डाल दिया है। अमूमन भौगोलिक दूरियों, स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण भारत के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में कुछ न कुछ अंतर जरूर देखने को मिलता है। लेकिन आज देश के आर्थिक इतिहास में एक अनूठा मोड़ आया है, जहां उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक, देश के सभी प्रमुख महानगरों और व्यापारिक केंद्रों में प्लेटिनम की कीमतें पूरी तरह से एक समान स्तर पर टिकी हुई हैं। इस अभूतपूर्व एकरूपता ने जहां एक तरफ खरीदारों को राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ बाजार के पंडितों को इसके पीछे के तकनीकी कारणों को खंगालने पर मजबूर कर दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम के तहत यदि देश के अलग-अलग हिस्सों से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों पर नज़र डालें, तो भारत के शीर्ष व्यापारिक केंद्रों में प्लेटिनम के दाम बिल्कुल एक समान दर्ज किए गए हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, दक्षिण के प्रमुख केंद्र चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के साथ-साथ पूर्व के ऐतिहासिक व्यापारिक शहर कोलकाता में भी प्लेटिनम की कीमतें एक ही धरातल पर टिकी हुई हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के बढ़ते औद्योगिक शहर पुणे, गुजरात के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों अहमदाबाद और वडोदरा सहित संपूर्ण केरल राज्य में भी कीमतों का यही रुख देखने को मिला है। इन सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आज प्रति 1 ग्राम प्लेटिनम की कीमत ₹5,440 पर टिकी हुई है।

इस समान मूल्य निर्धारण के चलते बड़े पैमाने पर होने वाले व्यापारिक लेन-देन में भी देश भर में एक जैसी स्थिति बनी हुई है। आभूषण निर्माण के लिए सबसे ज्यादा उपयोग में लाए जाने वाले मानक यानी 10 ग्राम प्लेटिनम का भाव इन सभी शहरों में ₹54,400 पर स्थिर बना हुआ है। वहीं, बड़े संस्थागत निवेशकों और सर्राफा व्यापारियों के लिए 100 ग्राम प्लेटिनम की कीमत सभी प्रमुख केंद्रों में समान रूप से ₹5,44,000 दर्ज की गई है। इस तरह की राष्ट्रव्यापी कीमत एकरूपता भारतीय कमोडिटी बाजारों में बहुत कम ही देखने को मिलती है, जिससे देश के किसी भी कोने में बैठा उपभोक्ता बिना किसी क्षेत्रीय वित्तीय नुकसान के इस कीमती धातु की खरीदारी कर सकता है।

आर्थिक और कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार सभी राज्यों में दरों का इस तरह एक समान होना वैश्विक हाजिर बाजार (इंटरनेशनल स्पॉट मार्केट) के कड़े नियंत्रण और भारत सरकार की 'एक राष्ट्र, एक कर' (GST) प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन का एक सीधा परिणाम है। भारतीय रिजर्व बैंक और वाणिज्य मंत्रालय की आयात नीतियों के तहत, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें एक विशेष दायरे में बंध जाती हैं और स्थानीय स्तर पर कोई अतिरिक्त चुंगी या राज्य-स्तरीय करों में विसंगति नहीं होती, तब इस तरह की पूर्ण स्थिरता और एकरूपता की स्थिति उत्पन्न होती है। बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि इस पारदर्शी मूल्य निर्धारण के कारण बाजार में सट्टेबाजी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि क्या क्षेत्रीय मांग में बदलाव आने के बाद भी देश के ये तमाम बड़े शहर इस एकरूपता को बनाए रखने में कामयाब होते हैं या फिर क्षेत्रीय कारक एक बार फिर कीमतों में अंतर पैदा कर देंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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