पंजाब में नशे के खिलाफ जोरदार अभियान चलाने वाले प्रमुख कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद पिछले 22 दिनों से चला आ रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। पंजाब सरकार और पीड़ित परिवार के बीच हुई सहमति के बाद परिवार उनके शव का पोस्टमार्टम कराने और अंतिम संस्कार करने के लिए पूरी तरह राजी हो गया है।

5 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद बनी सहमति

मानसा में झोटा के परिवार, संयुक्त कार्रवाई समिति और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लगातार पांच घंटे तक चली लंबी बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। राज्य सरकार की ओर से इस अहम बातचीत में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां शामिल हुए थे।

सहमति बनने के बाद संयुक्त कार्रवाई समिति ने 5 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास के प्रस्तावित घेराव को टाल दिया है।

सरकार ने मानी परिवार और प्रदर्शनकारियों की शर्तें

समझौते के तहत पंजाब सरकार ने पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया है:

  • परविंदर सिंह झोटा के परिवार को सरकार की तरफ से 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
  • उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
  • प्रदर्शनकारी लक्खा सिधाना और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेकर उन्हें रिहा किया जाएगा।
  • आंदोलन के दौरान 27 अक्टूबर को अपनी जान गंवाने वाले भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।

क्या था पूरा मामला?

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि दवा दुकान के मालिक अश्वनी कुमार द्वारा एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने पर जब झोटा ने सवाल उठाए, तो उसने उन्हें गोली मार दी।

घटना के बाद से ही उनका शव मानसा के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ था। अब समझौते के बाद झोटा का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER) में कराया जाएगा।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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