संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि इस बार संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। मंत्री ने कहा कि सत्र रचनात्मक और सार्थक होगा, जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

मंत्री रिजिजू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत शीतकालीन सत्र संसदीय कार्य की आवश्यकताओं के अनुसार आयोजित किया जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि सत्र सकारात्मक ढंग से चलेगा, लेकिन राजनीतिक माहौल को देखते हुए संभावना है कि विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर हंगामा कर सकते हैं।

विशेष रूप से एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण अभियान) के दूसरे चरण, ‘वोट चोरी’, और अन्य संवेदनशील मुद्दों को लेकर विपक्ष सत्र के दौरान केंद्र सरकार को घेर सकता है। गौरतलब है कि मानसून सत्र हंगामे की वजह से बाधित रहा था। लोकसभा में निर्धारित 120 घंटे के कुल समय में सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो पाई थी, जबकि राज्यसभा में कुल कार्यवाही का उत्पादन केवल 38.88 प्रतिशत रहा।

इस पृष्ठभूमि में, शीतकालीन सत्र में राजनीतिक उथल-पुथल और हंगामे की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और सांसदों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सत्र कितनी उत्पादकता और सुचारू ढंग से पूरा हो पाता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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