Parliament Session 2026 : बिना भाषण के ही Lok Sabha में प्रस्ताव पास; क्या आज Rajya Sabha में मचेगा तहलका?
Parliament Session 2026 के सातवें दिन J.P. Nadda ने कांग्रेस को 'अबोध बालक' करार देते हुए तीखा हमला बोला। विपक्ष द्वारा सांसदों के निलंबन पर हंगामे के बीच आज शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। दिल्ली में बच्चों की गुमशुदगी और सत्ता-विपक्ष के टकराव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Parliament Session 2026 : भारतीय लोकतंत्र के मंदिर 'संसद' में बजट सत्र के सातवें दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी रार देखने को मिली। एक तरफ जहाँ विपक्षी खेमा सांसदों के निलंबन और 'आवाज दबाने' के आरोपों को लेकर लामबंद है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस को 'अहंकारी' और 'अबोध बालक' करार देते हुए तीखा पलटवार किया है।
नड्डा का प्रहार: "एक परिवार के बंधक न बनें"
राज्यसभा में चर्चा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल विकास की राह में रोड़ा अटकाना चाहता है।
- अबोध बालक की उपमा: नड्डा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी पार्टी को 'अबोध बालक' की तरह बंधक न बनाएं। उन्होंने कांग्रेस को लोकतंत्र की गरिमा सीखने और अहंकार से बचने की सलाह दी।
- बौखलाहट का आरोप: उन्होंने दावा किया कि भाजपा को मिल रहे निरंतर जनसमर्थन से कांग्रेस बौखला गई है और संसद में सार्थक चर्चा के बजाय केवल वॉकआउट और हंगामे का रास्ता चुन रही है।
- संसदीय मर्यादा: जब मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने न देने का मुद्दा उठाया, तो नड्डा ने स्पष्ट रूप से टोका कि लोकसभा की कार्यवाही का जिक्र राज्यसभा में करना संसदीय परंपराओं के विरुद्ध है।
दिल्ली में बच्चों की गुमशुदगी का उठा मुद्दा :
सदन में हंगामे के बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संदीप पाठक ने एक गंभीर मानवीय मुद्दा उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली बच्चों की गुमशुदगी की 'कैपिटल' बनती जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि हर 8 मिनट में एक बच्चा गायब हो रहा है, जो देश की सुरक्षा और व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।
संसद परिसर में 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे :
सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी पारा चढ़ा हुआ है। बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए लोकसभा के 8 सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
- हाथों में 'पीएम इज कंप्रोमाइज्ड' के बैनर लेकर सांसदों ने जमकर नारेबाजी की।
- विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और विपक्ष की आवाज को कुचला जा रहा है।
आज का मुख्य आकर्षण: प्रधानमंत्री का संबोधन
सदन की कार्यवाही में आज सबसे महत्वपूर्ण पल शाम 5 बजे आने वाला है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। बुधवार को लोकसभा में हंगामे के कारण जो चर्चा अधूरी रह गई थी, आज उसके राज्यसभा में पूरे होने की उम्मीद है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
