दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों का आमना-सामना हुआ। संसद तक मार्च करने के प्रयास में जुटे सैकड़ों युवाओं और छात्रों के हुजूम को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें भी देखी गईं, जिससे जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अफरातफरी का माहौल रहा।

इस बीच, राजनीतिक स्तर पर घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने पुष्टि की है कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए पहल की गई है। इस दिशा में, कॉकरोच जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें आशुतोष रांका और सौरव दास शामिल हैं, सरकार के साथ औपचारिक चर्चा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा से मिलने के लिए रवाना हो चुका है। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि समाधान उनकी मुख्य मांगों के इर्द-गिर्द ही केंद्रित होना चाहिए। हालांकि, वे बातचीत के माध्यम से गतिरोध को समाप्त करने की संभावनाओं के प्रति सकारात्मक बने हुए हैं।

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक का मामला एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने प्रशासन को औपचारिक पत्र लिखकर 'संसद चलो' मार्च में शामिल होने के लिए बाहर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दावा किया है कि उनका स्वास्थ्य अब पूरी तरह सामान्य है और वे किसी भी प्रकार की हिरासत में नहीं हैं। वांगचुक ने पत्र में तर्क दिया कि उनके स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर पूरी तरह स्थिर हैं, इसलिए उन्हें अस्थायी रूप से अस्पताल छोड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वे हिरासत में नहीं हैं, तो उन पर आवाजाही के लिए प्रतिबंध क्यों लगाए जा रहे हैं।

वर्तमान में, यह स्थिति एक जटिल मोड़ पर खड़ी है, जहां एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर अडिग हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्तर पर बातचीत की कोशिशें जारी हैं। अस्पताल से सोनम वांगचुक का यह अनुरोध और आंदोलनकारियों का संसद की ओर बढ़ने का संकल्प दिल्ली की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार और प्रदर्शनकारी दोनों पक्ष इस संवेदनशील स्थिति को किस तरह हल करते हैं, यह आने वाले कुछ घंटों में स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल, जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण है और भारी पुलिस बल तैनात है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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