पालघर में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, कंटेनर ने बारातियों से भरे टेंपो को रौंदा, 13 लोगों की मौत और 20 घायल
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारातियों से भरे वाहन पर कंटेनर पलटने से १३ यात्रियों की मौत हो गई और २० अन्य घायल हो गए।

पालघर में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क किनारे पलटे हुए नीले रंग के मालवाहक कंटेनर का दृश्य।
महाराष्ट्र के पालघर जिले से गुजरने वाले मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। राजमार्ग के धाणीवरी इलाके के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कंटेनर ने शादी के मेहमानों (बारातियों) से भरे एक टेंपो को बेरहमी से रौंद दिया। इस भीषण भिड़ंत में अब तक १३ लोगों की असमय मौत हो चुकी है, जबकि २० अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ बिखरा मलबा व क्षतिग्रस्त वाहन हादसे की भयंकरता को बयां कर रहे थे। एक मांगलिक उत्सव में शामिल होने जा रहे निर्दोष लोगों के लिए यह यात्रा उनके जीवन का अंतिम सफर साबित हुई, जिससे दो गांवों में पूरी तरह से मातम पसर गया है।
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर को उस समय हुआ जब दहानू के बापू गांव से एक टेंपो में सवार होकर तमाम लोग धाणीवरी में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। टेंपो जैसे ही धाणीवरी क्षेत्र के पास पहुंचा, तभी विपरीत दिशा यानी गुजरात की ओर से मुंबई की तरफ आ रहा एक भारी-भरकम मालवाहक कंटेनर अचानक बेहद तेज गति के कारण अनियंत्रित हो गया। गति पर नियंत्रण खोने के कारण कंटेनर सीधे बारातियों से भरे टेंपो के ऊपर पलट गया। टक्कर और भारी वजन के दबाव के कारण टेंपो पूरी तरह पिचक गया, जिससे उसमें सवार यात्रियों को संभलने या बाहर निकलने का न्यूनतम अवसर भी नहीं मिल सका और कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक, पुलिस प्रशासन और राहत दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के जरिए कासा उप-जिला अस्पताल तथा धुंदलवाड़ी के निकटवर्ती अस्पतालों में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका उपचार कर रही है। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उनकी पहचान सुनिश्चित की। मृतकों की सूची में सुरेश रत्ना लाखात, पांडू गणपत लाखात, काळू गोविंद लाखात, सुनील अर्जुन दांडेकर, चिमा गोविंद कुरहाडा, नमिता विठ्ठल दांडेकर, सारिका संतोष लाखात, आयुष सिताराम लाखात, सागर नामदेव शेंडे, वंदना शिवराम वलवी, सलोनी शिवराम वलवी, अजय अहाडी और रियांशी संतोष लाखात शामिल हैं।
इस भयावह घटनाक्रम पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए इसे एक अत्यंत दुखद घटना बताया और जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक को घायलों के समुचित उपचार और राहत कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई है कि राज्य सरकार इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आश्रितों और परिजनों को ५ लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करेगी। हाईवे पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यातायात को सुचारू रूप से बहाल करने के लिए क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को मार्ग से हटा दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर राजमार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर सवाल खड़े करता है।

Lalita Rajput
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