पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर से गहरा गया है। हालिया घटनाओं के क्रम में, पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगानिस्तान की सीमा पर की गई बमबारी में कम से कम 35 लोगों के मारे जाने की सूचना है। इस घटना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी तरह से बर्बर कार्रवाई करार दिया है।

घटनाक्रम की शुरुआत कराची में शनिवार को पैरामिलिट्री रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए एक हमले से हुई थी। इस हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा में हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा है कि उसने टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें 29 लड़ाके मारे गए। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, यह सैन्य ऑपरेशन कराची में हुए हमले का सीधा जवाब था।

हालांकि, अफगानिस्तान की ओर से जारी बयान पूरी तरह से भिन्न है। पक्तिका प्रांत के समकानी जिले में हुए इन हमलों के बाद पक्तिका पुलिस कमांड के प्रवक्ता मुनीब जदरान ने जानकारी दी कि पाकिस्तानी हवाई हमलों में 35 से अधिक लोग मारे गए हैं और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं। अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस दावे को खारिज किया कि वे आतंकवादी ठिकाने थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तानी सेना ने पक्तिका प्रांत के गयान और समकानी जिले तथा कुनार प्रांत के मारवारा जिले में आम नागरिकों के आवासीय इलाकों को निशाना बनाया है।

तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमलों में मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अपराध और बर्बरतापूर्ण कृत्य की संज्ञा दी है। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को चेतावनी देते हुए कहा कि आम लोगों को निशाना बनाना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। तालिबान सरकार ने इसे एक आपराधिक कृत्य बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी आलोचना की है।

पाकिस्तान बीते कुछ समय से अपनी सीमा पर सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त है और अक्टूबर के बाद से उसने कई बार अफगानिस्तान की सीमा के अंदर हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान का निरंतर यह तर्क रहता है कि वह उन समूहों को खत्म कर रहा है जो उसकी जमीन पर हिंसा फैलाते हैं। वहीं, अफगानिस्तान का पक्ष यह है कि पाकिस्तान के हमलों में बेगुनाह अफगान नागरिक मारे जा रहे हैं।

यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पहले से ही मौजूद अविश्वास और तनाव को और अधिक बढ़ाने वाला है। जहाँ पाकिस्तान अपने सुरक्षा हितों का हवाला दे रहा है, वहीं अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और आम नागरिकों के खिलाफ हमला मान रहा है। इस स्थिति ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक नई चिंता पैदा कर दी है, जिसका असर आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों पर गहरा पड़ेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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